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मोदी के मंत्री ने फिर ठुकराया 'डार्विन का सिद्धान्त', कहा- मेरे पूर्वज नहीं थे बंदर

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 July 2018, 8:43 IST

मोदी सरकार में मंत्री सत्यपाल सिंह ने एक बार फिर दावा किया कि मानव के विकास का चार्ल्स डार्विन का सिद्धांत वैज्ञानिक रूप से गलत है. मंत्री ने कहा कि उनके पूर्वज बंदर नहीं थे. मोदी सरकार में मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि विज्ञान के छात्र के तौर पर उनका मानना है कि उनके पूर्वज बंदर नहीं थे और एक दिन लोग मेरी कही बात स्वीकार करेंगे.

एक किताब विमोचन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने कहा, "मैं विज्ञान का छात्र हूं और मैंने रसायन - शास्त्र में पीएचडी की है. मेरे खिलाफ बोलने वाले लोग कौन थे? और कितने लोगों ने मेरा साथ दिया? हमें इस पर मंथन करना चाहिए. हम प्रेस से डर जाते हैं. आज नहीं तो कल. कल नहीं तो 10-20 साल में, लोग मेरी कही गई बातें स्वीकार करेंगे. कम से कम मेरा मानना है कि मेरे पूर्वज कपि (बंदर) नहीं थे."

 

सिंह ने उनकी टिप्पणियों के लिए उन पर हमला बोलने वालों पर निशाना साधते हुए कहा, "किसी अन्य व्यक्ति के नजरिए की निंदा करना वैज्ञानिक भावना नहीं है." उन्होंने कहा कि उन्हें शिक्षित राजनेता होने पर गर्व है और देश का सौभाग्य है कि राष्ट्रवादी मानसिकता की एक राष्ट्रवादी सरकार शासन में है. उन्होंने कहा कि विदेशों के 99 फीसदी विश्वविद्यालय हिंदू धर्म की गलत व्याख्या करते हैं, गलत अनुवाद करते हैं. 

बता दें कि मुंबई के पुलिस आयुक्त रह चुके सत्यपाल सिंह ने कुछ महीने पहले मानव के क्रमिक विकास के चार्ल्स डार्विन के सिद्धांत को गलत बताया था. उन्होंने कहा था कि स्कूलों एवं कॉलेजों के पाठ्यक्रम में ये बदलाव नजर आना चाहिए. इसके बाद सत्यपाल सिंह की काफी आलोचना की गई थी.

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सिंह ने बताया कि वह एक किताब लिख रहे हैं जिसमें एक अध्याय होगा. उन्होंने कहा कि हम किसी पश्चिमी देश के व्यक्ति से मदद नहीं लेंगे. हम साक्ष्य और दस्तावेजी प्रमाण देंगे. हम साबित करेंगे कि हम जो कह रहे हैं वो सही है. क्या हमारे किसी साधु-संत ने इंग्लैंड के किसी प्रोफेसर को अपनी बातें सत्यापित करने के लिए कही थी? उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी भूल ये थी कि भारत ने अंग्रेजों की शैक्षणिक प्रणाली और मानसिकता का पालन करना जारी रखा. 

First published: 1 July 2018, 8:30 IST
 
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