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वायरस का खतरा, SBI ने ब्लाॅक किए 6 लाख कस्टमर के डेबिट कार्ड

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:46 IST

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने बुधवार को अपने लगभग 6 लाख यूजर्स के एटीएम ब्लॉक कर दिए, क्योंकि बैंक को एक थर्ड पार्टी एटीएम से आए वायरस से अपनी सुरक्षा में सेंध लगने का खतरा है. 

कस्टमर्स की सुरक्षा के लिहाज से बैंक मैसेज के जरिए लगातार चेतावनी दे रहा है. अब जिन लोगों के एटीएम ब्लॉक हुए हैं, उन्हें दोबारा कार्ड के लिए अप्लाई करना होगा, लेकिन इसके लिए पैसे नहीं देने होंगे आैर कार्ड इश्यू हो जाएगा. 

आपको बता दें कि SBI के इस वायरस से कस्टमर्स के पैसों से छेड़छाड़ हो सकती है और बैंक की जानकारी भी लीक हो सकती है. इसलिए SBI ने पहले ही ठोस कदम उठाया है. .

इस बारे में SBI के चीफ टेक्नॉलजी ऑफिसर शिव कुमार भसीन ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘ये सुरक्षा में खलल का मामला है. दिक्कत थर्ड पार्टी ATM से है. हमारे बैंक का सिस्टम पूरी तरह ठीक है. कई दूसरे बैंकों की सिक्यॉरिटी में भी परेशानी आई है और ये कई दिनों से हो रहा है. SBI के जो कस्टमर्स सिर्फ SBI के एटीएम से ट्रांजैक्शन कर रहे थे, उन्हें कोई खतरा नहीं है, लेकिन कुछ डेबिट कार्ड वायरस इन्फेक्टेड हैं. जब लोग अपने कार्ड को इन्फेक्टेड एटीएम में यूज करते हैं तो उनकी जानकारी लीक होने और बैंकिंग फ्रॉड होने का खतरा बढ़ जाता है.’

वायरस का मामला असल में हिताची की एटीएम मशीनों की वजह से फैला है, जो थर्ड पार्टी है. इसके एटीएम में कार्ड यूज करने के बाद अलग-अलग बैंकों के कई यूजर्स ने बैंकिंग फ्रॉड की शिकायत की है. किसी के पैसे निकाल लिए गए तो किसी के डेबिट कार्ड ने काम करना बंद कर दिया. हालांकि, हिताची ने इससे इनकार किया है.

RBI वेबसाइट के मुताबिक जुलाई, 2016 तक एसबीआई के पास 20.27 करोड़ डेबिट कार्ड यूजर्स थे, जिनमें से लगभग 6 लाख यानी 0.25% कस्टमर्स के कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं. 

First published: 19 October 2016, 5:16 IST
 
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