Home » इंडिया » SC allows one of the Italian marines Salvatore Girone's plea seeking relaxation of bail conditions, to enable him to return to Italy.
 

इतालवी मरीन साल्वातोर गिरोने को इटली जाने की इजाजत

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST
(पीटीआई)

2012 में केरल के समुद्री तट पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या के मामले में आरोपी इतालवी मरीन साल्वातोर गिरोने को सुप्रीम कोर्ट ने इटली जाने की इजाजत दे दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने साल्वातोर गिरोने की जमानत शर्त में ढील दी है. अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकारण की ओर से अधिकार क्षेत्र के मुद्दे पर फैसला किए जाने तक उसे इटली जाने की इजाजत मिल गई है.

अदालत से मिली इस छूट के बाद गिरोने अब कुछ शर्तों के साथ इटली जा सकेगा. गिरोने को इटली के थाने में हर दिन हाजिरी भी लगानी होगी. सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि इतालवी राजदूत को इस बारे में नया हलफनामा देना होगा.

अदालत ने कहा कि राजदूत को शपथ पत्र में लिखना होगा कि अगर अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण भारत के पक्ष में फैसला देता है, तो गिरोने भारत लौटेगा. केंद्र सरकार ने सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसे मरीन की जमानत शर्त में ढील दिए जाने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट साल्वातोर गिरोने की उस याचिका पर 26 मई को सुनवाई करने पर राजी हो गया था, जिसमें उसने भारत तथा इटली के बीच अधिकार क्षेत्र मुद्दे का अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता अदालत की ओर से फैसला किए जाने तक अपने देश जाने की इजाजत मांगी थी.

दो मछुआरों की हत्या का आरोप

साल्वातोर गिरोने उन दो इतालवी मरीनों में से एक है जो केरल के तटीय क्षेत्र में भारत के दो मछुआरों की हत्या के आरोपी हैं. दूसरा मरीन मैसिमिलयानो लातोरे स्वास्थ्य आधार पर पहले से ही इटली में है.

शीर्ष अदालत ने उसके वहां रहने की अवधि हाल ही में इस साल 30 सितंबर तक बढ़ा दी थी. इटली ने भारत के सुप्रीम कोर्ट से गिरोने को जल्द स्वदेश भेजने के संयुक्त राष्ट्र मध्यस्थता पंचाट के फैसले को तत्काल लागू करने का अनुरोध किया था.

गिरोने अभी हत्या के आरोप में भारत में कैद है. साल्वातोर गिरोने और मैसिमिलियानो लातोरे उन दो इतालवी मरीन में से एक हैं, जो ‘एनरिका लेक्सी’ जहाज पर सवार थे. दोनों पर 2012 में केरल के तट पर दो भारतीय मछुआरों की हत्या का आरोप है. दूसरा मरीन लातोरे 2014 में तबीयत खराब होने की वजह से इटली वापस चला गया था.

इस बीच केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन ने इस मामले में केंद्र सरकार के रुख पर निशाना साधा है. विजयन ने कहा, "ये सब केंद्र सरकार के रवैए की वजह से हुआ है. शुरुआत से ही उनका यही प्लान था. मैं इतालवी मरीन के मुद्दे पर केंद्र के रुख से सहमत नहीं हूं. मरीनों पर भारत में ही मुकदमा चलना चाहिए."

First published: 26 May 2016, 1:39 IST
 
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