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बिना शर्त माफी के बाद सुब्रत रॉय को मोहलत, लेकिन एक हफ्ते बाद जाना होगा जेल

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 September 2016, 11:07 IST
(फाइल फोटो)

देश की सबसे बड़ी अदालत ने सहारा इंडिया के प्रमुख सुब्रत रॉय को बड़ा झटका दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय की पैरोल की मियाद बढ़ाने की अपील पर सुनवाई के दौरान उन्हें एक हफ्ते के अंदर सरेंडर करने का आदेश दिया है.

इससे सुब्रत रॉय को फौरी तौर पर जेल जाने से छूट मिल गई है. सहारा प्रमुख को मिली पैरोल का आज आखिरी दिन था. बिना शर्त माफी मांगने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय को तुरंत जेल भेजे जाने से राहत दे दी है.

इससे पहले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल की अवधि बढ़ाने से इनकार करते हुए कहा था कि हम आपको जेल भेज रहे हैं.

सात दिन बाद करना होगा सरेंडर

बीते महीने सहारा सुप्रीमो के पैरोल की मियाद को 23 सितंबर तक बढ़ाया गया था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि पैरोल को इस वजह से बढ़ाया जा रहा है, ताकि वह सेबी के पास 300 करोड़ रुपये जमा करें. 

निवेशकों से धोखाधड़ी के आरोप में सुब्रत रॉय मार्च 2014 में गिरफ्तार हुए थे, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने एक हफ्ते बाद सुब्रत रॉय को सरेंडर करते हुए हिरासत में लौटने का आदेश दिया है.

इससे पहले आज सुप्रीम कोर्ट के फौरन जेल भेजे जाने और उनकी पैरोल रद्द करने के आदेश को सुब्रत रॉय ने वापस लेने की अपील की थी.

सहारा प्रमुख ने अदालत में केस की सुनवाई के दौरान कहा कि वह अपने वकील की टिप्पणी के लिए बिना शर्त माफी मांगने को तैयार हैं. जिसके बाद चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर ने अन्य जजों के साथ विचार-विमर्श किया.

मां के निधन के बाद मिली थी पैरोल

सुब्रत रॉय को उनकी मां के निधन के बाद अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए इसी साल छह मई को चार हफ्ते की पैरोल मिली थी. बाद में उनकी पैरोल की मियाद बढ़ती चली गई. पिछले साढ़े चार महीने से सुब्रत रॉय जेल से बाहर थे.

पढ़ें: सुब्रत रॉय को चार हफ्ते की पैरोल, मां के अंतिम संस्कार में होंगे शामिल

सुब्रत रॉय को यह पैरोल चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच से मिली थी. कोर्ट ने इस शर्त के साथ सहारा प्रमुख को राहत दी थी कि पैरोल के दौरान वे देश छोड़कर नहीं जाएंगे. 

हालांकि पैरोल के दौरान सुब्रत रॉय कई कार्यक्रमों में नजर आए. दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में आयोजित मैंगो फेस्टिवल में भी सहारा प्रमुख नजर आए थे. इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन, महेश शर्मा, कई सांसद और नेता भी मौजूद थे.

4 मार्च 2014 को गए थे जेल

निवेशकों के 24 हजार करोड़ रुपये न लौटाने के आरोप में सहारा इंडिया परिवार के मुखिया सुब्रत रॉय पिछले दो साल से तिहाड़ जेल में बंद थे.

मां के निधन के बाद सुब्रत रॉय ने सुप्रीम कोर्ट से लखनऊ जाने के लिए पैरोल मांगी थी. इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सुब्रत रॉय को चार हफ्ते के लिए रिहा करने का आदेश दिया था. बाद में उनके पैरोल की मियाद कई बार बढ़ी.

पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट: सुब्रत रॉय के पास इतनी दौलत, फिर भी जेल में रहना चाहते हैं

इससे पहले भी सुब्रत रॉय ने सुप्रीम कोर्ट में कई बार मां की खराब तबीयत का हवाला देते हुए जमानत की गुहार लगाई थी. सुब्रत रॉय 4 मार्च 2014 से जेल में बंद थे. 

इससे पहले सुब्रत रॉय के वकीलों ने गर्मी न सह पाने के कारण उन्हें जमानत देने की अपील की थी, लेकिन राहत नहीं मिल पाई थी.

First published: 23 September 2016, 11:07 IST
 
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