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बीफ बैन पर महाराष्ट्र सरकार को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 September 2016, 12:43 IST

महाराष्ट्र में बीफ बैन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. राज्य के कुरैशी समाज ने फड़नवीस सरकार के बीफ पर पूर्ण प्रतिबंध के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है. वहीं कुछ गैर सरकारी संगठनों ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है, जो बीफ पर पूरी तरह बैन चाहते हैं. याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए अदालत ने नोटिस जारी किया. 

इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के बीफ बैन के फैसले को बरकरार रखा था. हालांकि हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट की उस धारा को रद्द कर दिया था, जिसके तहत राज्य के बाहर से गोमांस आयात करने पर कार्रवाई का प्रावधान था.

क्या है पूरा मामला?

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में कहा गया है कि 16 साल से बड़ी उम्र के बैल किसान के किसी काम के नहीं हैं. ऐसे में किसान उन्हें बेचकर पैसा भी कमा सकते हैं. इस पाबंदी से लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं, इसलिए राज्य में 16 साल से ऊपर के बैलों की स्‍लॉटरिंग की इजाजत दी जाए.

याचिका में साथ ही कहा गया है कि इस मुद्दे पर राजनीति हो रही है. इससे पहले बॉम्‍बे हाईकोर्ट के बीफ खाने की इजाजत के फैसले के खिलाफ अखिल भारतीय कृषि गोसेवा संघ की याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा था.

महाराष्ट्र में जारी बीफ बैन पर बड़ा फैसला सुनाते हुए बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीफ पर पाबंदी जारी रहने का फैसला दिया था, लेकिन बीफ खाने पर लगी पाबंदी को उठाते हुए अन्य राज्यों से महाराष्ट्र में बीफ लाकर बेचने की इजाजत दे दी थी. 

फरवरी 2015 में लगा था बैन

महाराष्ट्र सरकार ने फरवरी 2015 में राज्य में बीफ पर बैन लगा दिया था. महाराष्ट्र एनिमल प्रिजर्वेशन एक्ट के तहत बीफ खाने के साथ ही रखने पर प्रतिबंध लागू किया गया था.

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि राज्य में बीफ पर पाबंदी जारी रहेगी, लेकिन बाहर के राज्यों से (जिन राज्यों में इसकी इजाजत है) महाराष्ट्र में बीफ लाया जा सकता है और लोग बीफ खा भी सकते हैं.

अदालत ने कहा था कि बीफ रखने वालों को सारे सबूत हमेशा रखने होंगे, जिससे कभी कोई शिकायत आए तो वो खुद को निर्दोष साबित कर सकें. ऐसे में उस व्यक्ति पर कानूनी कारवाई नहीं हो सकती है.

First published: 2 September 2016, 12:43 IST
 
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