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बहुविवाह और हलाला पर SC ने कहा, 5 जजों की कॉन्स्टीट्यूशन बेंच करेगी सुनवाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 March 2018, 13:49 IST

तीन तलाक को सरकार पहले ही गैर कानूनी घोषित कर चुकी है. अब सुप्रीम कोर्ट ने बहुविवाह और हलाला के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिकाओं को संविधान पीठ को भेज दिया है. बहुविवाह और हलाला अंसवैधानिक या नहीं इसका फैसला पांच जजों की बेंच करेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांग है. सुप्रीम कोर्ट ने मुता निकाह और मिस्यार निकाह (निश्चित अवधि के लिए शादी का करार) पर केन्‍द्र सरकार को नोटिस जारी किया है.

नफीसा खान सहित चार याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर बहुविवाह और हलाला को असंवैधानिक करार दिए जाने की मांग की है. याचिका में कहा गया है कि मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) आवेदन अधिनियम, 1937 की धारा 2 को संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 और 25 का उल्लंघन करने वाला घोषित किया जाए, क्योंकि यह बहु विवाह और निकाह हलाला को मान्यता देता है. भारतीय दंड संहिता, 1860 के प्रावधान सभी भारतीय नागरिकों पर बराबरी से लागू हों.

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निकाह-हलाला आईपीसी की धारा 375 के तहत बलात्कार है और बहुविवाह आईपीसी की धारा 494 के तहत एक अपराध है. हैदराबाद के रहने वाले मौलिम मोहिसिन बिन हुसैन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मुसलमानों में प्रचलित मुता और मिस्यार निकाह को अवैध और रद घोषित करने की मांग की है. इसके अलावा याचिका में निकाह हलाला और बहुविवाह को भी चुनौती दी गई है.

किसने दायर की याचिकाएं

भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय
दिल्ली की नफीसा खान
दिल्ली की समीना बेगम
मौलिम मोहसिन बिन हुसैन बिन अब्दाद अल खतरी

क्या है नफीसा और समीना की मांग
आईपीसी की धाराएं सभी नागरिकों पर बराबरी से लागू होने चाहिए.ट्रिपल तलाक आईपीसी की धारा 498A के तहत क्रूरता है. हलाला धारा 375 के तहत बलात्कार है.बहुविवाह आईपीसी की धारा 494 के तहत अपराध है इसलिए अदालत उन्हें खारिज करे.

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दक्षिणी दिल्ली की रहने वाली समीना बेगम ने याचिका में कहा कि 1999 में जावेद अनवर से उनकी शादी हुई थी.दो बेटे हुए.पति ने उन पर खूब जुल्म किए. उन्होंने थाने में शिकायत की तो पति ने तलाकनामा भेज दिया. समीना ने 2013 में रियाजुद्दीन से निकाह किया जो पहले से शादीशुदा था. रियाजुद्दीन ने समीना को फोन पर तलाक दे दिया.उस वक्त वह प्रेग्नेंट थी. इन याचिकाओं पर अब पांच जजों की बेंच फैसला करेगी.

First published: 26 March 2018, 13:49 IST
 
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