Home » इंडिया » SC rejects abortion plea of HIV+ rape victim, orders Bihar to pay compensation.
 

सुप्रीम कोर्ट ने रेप पीड़ित को नहीं दी गर्भपात की इजाज़त

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 May 2017, 17:04 IST

सुप्रीम कोर्ट ने रेप के बाद प्रेग्नेंट हुई एक HIV पीड़ित महिला को अबॉर्शन की इजाजत नहीं दी है. सुप्रीम कोर्ट ने एम्स की मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट देखने के बाद कहा कि 26 हफ्ते की प्रेग्नेंसी टर्मिनेट नहीं हो सकती है. एम्स की मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया है कि इस स्टेज पर महिला की प्रेग्नेंसी टर्मिनेट करने से उसके जीवन को खतरा हो सकता है.

दरअसल महिला रेप पीड़ित होने के साथ-साथ एचआईवी पॉजिटिव भी है. सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को निर्देश दिया है कि वह महिला को रेप विक्टिम स्कीम से 3 लाख रुपये का भुगतान करे. महिला के मामले में राज्य सरकार के अथॉरिटी और एजेंसियों द्वारा जो देरी हुई है, उसके लिए क्या मुआवजा तय हो, इस पर सुप्रीम कोर्ट अब 9 अगस्त को सुनवाई करेगी.

क्या था मामला

दरअसल ये मामला जनवरी का है. बिहार की रहने वाली ये महिला एचआईवी पॉजिटिव है और उसका पति उसे 12 साल पहले ही छोड़ चुका है. महिला सड़क पर जिंदगी गुजारती है इसी दौरान उसके साथ रेप किया गया और वो गर्भवती हो गई. उसे शेल्टर होम ले जाया गया.

मार्च में पीड़ित ने बताया कि वह गर्भवती हो चुकी है और गर्भ रेप के कारण ठहरा है. इसके बाद शेल्टर होम ने वहां रिसर्च करने वाले स्टूडेंट की मदद से महिला को पीएमसीएच में भर्ती कराया. तब महिला का गर्भ 17 हफ्ते का था. वहां महिला के पिता को बुलाया गया और आई कार्ड मांगा गया.

महिला के पास आई कार्ड नहीं था और इस कारण अस्पताल ने प्रेग्नेंसी टर्मिनेट करने से मना कर दिया. पीएमसीएच में प्रेग्नेंसी टर्मिनेट न होने के बाद मामला पटना हाई कोर्ट पहुंचा.पटना हाई कोर्ट में जब केस गया तब तक गर्भ 21 हफ्ते का हो चुका था. तब हाई कोर्ट ने मेडिकल बोर्ड का गठन किया. पटना हाई कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट को देखने के बाद गर्भपात की इजाजत नहीं दी. 

महिला को फ्लाइट से पटना से दिल्ली लाया गया था और एम्स में शनिवार को मेडिकल बोर्ड उसकी की जांच की थी. सुप्रीम कोर्ट ने महिला का मेडिकल एग्जामिनेशन करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि महिला निसहाय है और उसकी जान बचाने की पूरी कोशिश की जाएगी.  महिला की प्रेग्नेंसी 26 हफ्ते की हो चुकी है. महिला की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर गर्भपात करने का निर्देश देने की गुहार लगाई गई थी.

First published: 9 May 2017, 17:04 IST
 
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