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SC-ST एक्ट: सरकार आज दायर करेगी पुनर्विचार याचिका, दलित संगठनों ने किया भारत बंद का ऐलान

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 April 2018, 8:54 IST

SC-ST एक्ट को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ दलित और आदिवासी संगठनों ने देशभर में आज भारत बंद का आह्वान किया है. इस बंद में किसी भी तरह की तनावपूर्ण स्तिथि न उत्पन्न हो उसके लिए सरकार की तरफ से पुख्ता इंतजाम किये जायेंगे.

पंजाब सरकार ने बस और मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित रखने का आदेश दिया है जबकि सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों को किसी भी परिस्थिति के लिये तैयार रहने के लिये कहा गया है. स्कूल बंद रहेंगे और बसें भी सड़कों पर नहीं चलेंगी.

संगठनों की मांग है कि अनुसूचित जाति, जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 में संशोधन को वापस लेकर एक्ट को पूर्व की तरह लागू किया जाए. भारत बंद के आह्वान को कई दलित नेताओं का समर्थन हासिल है. गुजरात के निर्दलीय विधायक जिग्नेश मेवानी ने भी लोगों से भारत बंद में शामिल होने का आह्वान किया है.

दलित संगठनों के विरोध का सबसे अधिक असर पंजाब में पड़ने की संभावना है, जिसकी वजह से राज्य के सभी शिक्षण संस्थान, सार्वजनिक परिवहन को आज बंद रखा गया है. इस वजह से राज्य में आज होने वाले सीबीएसई के बोर्ड के पेपर रद्द कर दिए हैं.

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क्या था मामला
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ एक पुनर्विचार याचिका दायर करने का फैसला किया है, जिसमें कहा गे था कि दलित अत्याचार की धारा में पहले डीएसपी की तरफ से आरोपों की प्रारंभिक जांच की जाएगी ताकि उसकी सत्यता का पता लगाया जा सके और निर्दोष को गलत तरीके से फंसाने से बचाया जा सके.

इससे पहले केन्द्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा था कि “एससी/एसटी एक्ट को सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश पर केन्द्र सरकार ने संज्ञान लिया है. मैने पहले ही कानून मंत्रालय को इस बारे में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के आदेश दे दिए हैं.”

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गौरतलब है कि इसको लेकर छत्तीसगढ़ का आदिवासी समाज का संयुक्त मोर्चा मुखर हो गया था. मोर्चे ने देशव्यापी आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया है. विपक्ष इस मामले को लेकर लगातार दबाव बना रहा था. सरकार की चिंता का इस तरह का एक कारण यह भी था कि ऐसा आंदोलन देश में पहली बार हो रहा था जहां एससी वर्ग, एसटी वर्ग और ओबीसी वर्ग ने एक साथ मिलकर भारत बंद का आह्वान किया है.

First published: 2 April 2018, 8:30 IST
 
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