Home » इंडिया » SC/ST Act: Modi government to file review petition in supreme court over judgment
 

SC/ST एक्ट: सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करेगी मोदी सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 March 2018, 12:59 IST

सुप्रीम कोर्ट ने अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 (SC/ST एक्ट) के तहत अपराध में नए दिशा निर्देश जारी किए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अब इस अधिनियम में तुरंत गिरफ्तारी नहीं होगी पहले गिरफ्तारी से पहले आरोपों की जांच की जाएगी. यही नहीं मामलों में गिरफ्तारी से पहले जमानत भी दी जा सकती है. इसे लेकर हंगामा मच गया है.

कांग्रेस पार्टी मोदी सरकार पर SC/ST एक्ट को कमजोर करने का आरोप लगा रही है. वहीं भाजपा के कई दलित सांसद भी इस पर अपनी नाखुशी जाहिर कर चुके हैं. इसे लेकर वह पीएम मोदी से मुलाकात भी कर चुके हैं. इसके बाद मोदी सरकार भी अब सतर्क नजर आ रही है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनडीए के दलित सांसदों की मांग पर मोदी सरकार ने फैसला किया है कि वह सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार अर्जी दाखिल करेगी.

 

मोदी सरकार ने एनडीए के दलित और आदिवासी सांसदों की मांग पर ऐलान किया है कि वह सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार अर्जी दाखिल करेगी. सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत ने कहा कि विधि मंत्रालय की राय के बाद ही यह फैसला हुआ है. गहलोत ने कहा कि दोनों मंत्रालयों के सचिव बैठक कर इस याचिका का मसौदा तैयार करेंगे.

पढ़ें- भाजपा सांसद के बोल- रेप करने वालों को सरेआम मार देनी चाहिए गोली

 

खबर है कि मोदी सरकार अगले हफ्ते तक यह याचिका दायर कर सकती है. इस फैसले पर कांग्रेस ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए इसके लिए केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा था. कांग्रेस पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि मोदी सरकार दलितों को कमजोर कर रही है और इस कानून को कमजोर कर दलितों के साथ अन्याय कर रही है.

First published: 29 March 2018, 12:58 IST
 
अगली कहानी