Home » इंडिया » SC/ ST Act: we are not against the Act. Innocent should not be punished says supreme court
 

SC/ST एक्ट: सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 April 2018, 15:34 IST

SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर केंद्र सरकार द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई जारी है. केस की सुनवाई करते हुए जस्टिस आदर्श गोयल ने कहा कि हम एससी-एसटी एक्ट के खिलाफ नहीं हैं. जस्टिस गोयल ने कहा हमें संतुलन बनाकर चलना होगा. 

सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर सभी पार्टियों से अपने विचार दो दिनों के भीतर देने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 10 दिन बाद करने की बात कही. कोर्ट ने कहा कि वो ऐक्ट के खिलाफ नहीं है लेकिन निर्दोष को सजा नहीं मिलनी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जो लोग सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं उन्होंने हमारा जजमेंट नहीं पढ़ा है. हमें उन निर्दोष लोगों की चिंता है जो जेलों में बंद हैं.

बता दें कि SC/ST एक्ट में बदलाव को लेकर 2 अप्रैल को SC/ST संगठनों द्वारा भारत बंद का ऐलान किया गया था. इस दौरान देशभर में आंदोलनों ने हिंसक रूप ले लिया. आंदोलन में 10 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई. इस पर केंद्र सरकार ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी. वहीं अटार्नी जनरल ने मामले में खुली अदालत में सुनवाई की अपील की थी.

कोर्ट में अटार्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने कहा था कि आज ही सुनवाई हो. AG ने मांग की थी आज ही दो बजे सुनवाई हो. AG केके वेणुगोपाल ने सीजेआई कोर्ट में कहा, देश में कानून व्यवस्था खराब हो रही है. ऐसे में मामले की आज ही सुनवाई की जानी चाहिए.

इसके बाद जस्टिस आदर्श गोयल ने कहा कि वो खुली अदालत में सुनवाई को तैयार हैं. जस्टिस गोयल ने कहा कि खुली अदालत में सुनवाई करने में कोई परेशानी नहीं है लेकिन वही बेंच होनी चाहिए जिसका फैसला था. जस्टिस गोयल ने कहा कि बेंच के गठन के लिए चीफ जस्टिस के सामने मेंशन करें.

पढ़ें- भारत बंद: मायावती ने SC/ST एक्ट के विरोध में हो रही हिंसा पर दिया बड़ा बयान

इस मांग पर सुनवाई के बाद CJI ने कहा कि वही बेंच आज दो बजे सुनवाई करेगी जिसने फैसला दिया है. फैसले पर रोक लगे या नहीं वहीं बेंच तय करेगी.

First published: 3 April 2018, 15:29 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी