Home » इंडिया » sc: why subrata roy sahara not settle dues amount
 

सुप्रीम कोर्ट: सुब्रत रॉय के पास इतनी दौलत, फिर भी जेल में रहना चाहते हैं

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 May 2016, 12:59 IST

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को सहारा इंडिया के मालिक सुब्रत रॉय पैरोल की अवधि में राहत देते हुए उसकी समय सीमा 11 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी है.

कोर्ट ने रॉय को ये राहत इसलिए दी है, ताकि सहारा समूह बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास 200 करोड़ रुपये जमा करा सके.

इस मामले में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली बेंच ने हैरानी जताते हुए उनके वकील कपिल सिब्बल से कहा, "सुब्रत रॉय के पास इतनी संपत्ति है, फिर भी वो दो साल से तिहाड़ में क्यों रह रहे हैं. सुब्रत रॉय सेबी को बकाया धनराशि 36,000 करोड़ रुपए तो आसानी से चुका सकते हैं."

वहीं कपिल सिब्बल ने सहारा की ओर से दलील देते हुए कहा कि सुब्रत रॉय ने 12,000 करोड़ सेबी के पास पहले ही जमा करा दिए हैं. सुब्रत राय बाकी के बचे पैसे लेकर कहीं भागेंगे नहीं.

सिब्बल की इस दलील से पहले चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर, एआर दवे और एके सीकरी की बेंच ने सीलबंद लिफाफे में सुब्रत राय की चल-अचल संपत्ति और विदेश में उनके धन के ब्यौरे मांगे थे.

जिसके बाद सिब्बल ने सील बंद लिफाफे में उन ब्यौरों को पेश करते हुए सुप्रीम कोर्ट से कहा इस लिफाफे के आंकड़ों को गोपनीय रखा जाए.

उन्होंने आगे कहा कि अगर सुब्रत रॉय बकाया नहीं देते हैं, तो मार्केट रेगुलेटर सेबी सहारा समूह की संपत्ति बेचने के लिए स्वतंत्र है.

कोर्ट को सलाह देने के लिये नियुक्त वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर नफाड़े ने इस मामले में कहा कि ये सवाल है कि आखिर सहारा समूह एंबी वैली और विदेशों में अपने होटलों की बिक्री के खिलाफ क्यों था.

'क्यों नहीं जमा करते बकाया'


इस पर कोर्ट ने सहारा की संपत्तियों की लिस्ट देखते हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल से कहा कि आपके पास धन है और आपको उस धन से सिर्फ थोड़ा ही देना है, वो दो साल से जेल में हैं, क्यों इस बकाया को जमा नहीं कर देते हैं.

बेंच ने कहा कि, हम सुब्रत रॉय और आशोक रॉय चौधरी को 200 करोड़ रुपये जमा करने की पेशकश को साबित करने को लेकर 11 जुलाई तक का समय देना चाहते हैं.

बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के साथ लंबे समय से चल रहे विवाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सहारा समूह के प्रमुख सुब्रत रॉय चार मार्च 2014 से जेल में बंद थे.

'11 जुलाई तक 200 करोड़ जमा करें'


सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगर सुब्रत रॉय 11 जुलाई तक 200 करोड़ रुपये जमा करने में विफल रहते हैं, तो उन्हें समर्पण करके वापस तिहाड़ जेल जाना होगा.

इसके अलावा पीठ ने यह भी कहा कि छह मई के आदेशानुसार रॉय और चौधरी संपत्ति के संभावित खरीदारों से मुलाकात करने और पुलिस सुरक्षा में देश के भीतर कहीं भी जाने के लिए आजाद हैं. न्यायालय ने यह भी व्यवस्था दी कि सेबी सहारा की संपत्तियों की नीलामी जारी रखेगा.

कोर्ट ने कहा कि सहारा बैंक गारंटी के रूप में 5,000 करोड़ रुपये जुटाने को लेकर अन्य संपत्ति की बिक्री और हस्तांतरण के लिये भी कदम उठा सकता है.

सहारा प्रमुख सुब्रत रॉय को जमानत के लिये 5,000 करोड़ रुपये के अलावा 5,000 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी भी जमा करनी है.

First published: 12 May 2016, 12:59 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी