Home » इंडिया » School Dropout Trishneet Arora made it to the Forbes 30 under 30 Asia 2018 list
 

कभी 8वीं क्लास में फेल हो गया था ये लड़का, आज फोर्ब्स की लिस्ट में हुआ शामिल

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 April 2018, 11:21 IST

कहते हैं प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती. ऐसा ही कुछ कर दिखाया है 25 साल के त्रिशनीत अरोड़ा ने. त्रिशनीत अरोड़ा ने बिना कंप्यूटर की पढ़ाई किए इथिकल हैकिंग में अपना नाम फोर्ब्स लिस्ट में एशिया 30 अंडर 30 में दर्ज कराया है. ह एक लेखक और टीएसी सिक्यॉरिटी के फाउंडर और सीईओ भी हैं.

त्रिशनीत की परवरिश लुधियाना के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुई है. उनका मन बचपन से ही पढ़ाई में नहीं लगता था. बल्कि उनका दिल कंप्यूटर में ज्यादा लगता था. त्रिशनीत को कंप्यूटर का इतना शौक था कि वे पूरे दिन कंप्यूटर में हैकिंग के गुर सीखते रहते थे. इसी के चलते वे 8वीं क्लास में फेल हो गए. लेकिन कंप्यूटर में उनकी दिलचस्पी ने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचा दिया. त्रिशनीत ने रेग्युलर पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी और 12वीं तक कॉरस्पॉन्डेंट से पढ़ाई की.

त्रिशनीत ने महज 21 साल की उम्र में ही अपनी कंपनी खोल ली. और इस तरह उनका नाम यंग सीईओ की लिस्ट में दर्ज हो गया. आज उनकी कंपनी साइबर सिक्युरिटी कंपनी टीएसी सिक्युरिटी करोड़ों रुपये का कारोबार कर रही है. त्रिशनीश के मुताबिक उन्होंने अपने शौक को बिजनेस का रूप दिया जिस कारण वो आज यहां तक पहुंचे हैं.

75 हजार रुपये में शुरु की थी कंपनी, आज है करोड़ों का कारोबार

जब त्रिशनीत ने काम शुरु किया उनके पिता ने उन्हें मात्र 75 हजार रुपये दिये थे. त्रिशनीत जानते थे कि उनके ये पैसा डूबना ही है. लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था. आज वे दुनिया भर में काम कर रहे हैं. 25 की उम्र में ही वे अपने काम के तरीके और एंटरप्रेन्योशिप की बदौलत इस मुकाम तक पहुंचे हैं. त्रिशनित अब रिलायंस, सीबीआई, पंजाब पुलिस, गुजरात पुलिस, अमूल और एवन साइकिल जैसी कंपनियाें को साइबर से जुड़ी सर्विसेज दे रहे हैं.

 

त्रिशनीत 50 सबसे प्रभावशाली युवा भारतीयों में शामिल हैं

त्रिशनीत अरोड़ा आज दुनिया के एक जाने-माने साइबर सिक्यॉरिटी एक्सपर्ट हैं और करोड़ों का कारोबार करने वाली साइबर सिक्यॉरिटी फर्म टीएसी सिक्यॉरिटी सलूशंस के फाउंडर और सीईओ हैं. त्रिशनीत ने हैकिंग पर कई किताबें भी लिखी हैं. जिनमें हैकिंग विद स्मार्ट फोन्स, हैकिंग टॉक विद त्रिशनित अरोड़ा, दि हैकिंग एरा जैसी किताबें शामिल हैं.

बता दें कि टीएसी सिक्युरिटी कंपनियों लिए मूल्यांकन और परीक्षण का काम करता है और उनकी साइबर सिक्युरिटी में कमजोरियों की पहचान करता है. इससे पहले कि फर्जी हैकर्स उन्हें प्रतिकूल रूप से इस्तेमाल कर सकें यह नेटवर्क और सूचना संपत्ति को विभिन्न गतिविधियों से सुरक्षित करने में सहायता करता है.

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First published: 4 April 2018, 11:15 IST
 
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