Home » इंडिया » School teacher insulted father for not depositing fee, student suicide
 

शिक्षिकाओं ने की पिता की बेइज्जती, आहत छात्रा ने की आत्महत्या

पत्रिका स्टाफ़ | Updated on: 28 July 2016, 12:54 IST
(पत्रिका)

गाजियाबाद के एक स्कूल की छात्रा को फीस नहीं भरने पर आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा. छात्रा ने यह कदम तब उठाया जब स्कूल शिक्षिकाएं उसके घर पर फीस लेने पहुंच गईं. घर पर आई शिक्षिकाओं से उसके पिता का विवाद हो गया. जिसके बाद शिक्षिकाओं ने पुलिस को बुला लिया. पुलिस छात्रा के पिता रतन सिंह तोमर को थाने ले गई. इसी बात से आहत होकर छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी. 

आत्महत्या की जानकारी मिलते ही पीड़ित परिजनों ने थाने पर जमकर हंगामा किया. जिसके बाद पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर घर पर आई शिक्षिकाओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी. वहीं, छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है.

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन शिक्षिकाओं को पूछताछ के लिए गाजियाबाद के सिहानी गेट थाने में बुलाया. इस दौरान घटना की सूचना पूरे गांव में फैल गई जिसके बाद गांव के लोग थाने पहुंच गए. यहां पहले से ही आरोपी शिक्षिकाएं कुर्सियों पर बैठी थीं. तीनों शिक्षिकाओं पर गुस्साए गांव वालों ने हमला कर दिया और फिर जमकर पिटाई कर दी. हालात ऐसे बन गए कि उन तीनों महिलाओं के बचाव में पुलिस को बीच में आना पड़ा. 

गाजियाबाद के एसपी सिटी सलमान ताज पाटिल ने बताया कि दरअसल ये तीनों शिक्षिकाएं घुकना के (डीएस) स्कूल में पढ़ाती हैं. स्कूल की ही नौंवी की छात्रा प्रियांशी की पिछले कई महीने से स्कूल की फ़ीस नहीं भरी गई थी. इसी को लेकर ये शिक्षिकाएं बुधवार को प्रियांशी के घर जा पहुंची. 

प्रियांशी के परिवार का आरोप है कि इन्होने घर पहुंचते ही परिवार के साथ बदसलूकी शुरू कर दी और प्रियांशी के पिता को थप्पड़ भी मारा. इतना ही नहीं इन्होंने धमकी दी कि वो पुलिस को झूठी सूचना देकर प्रियांशी के पिता को छेड़छाड़ के केस में फंसवा देंगी. इन बातों से प्रियांशी डर गई और उसने कमरे में जाकर आत्महत्या कर ली.

इस संबंध में बीएसए डा. प्रवेश यादव ने कहा, ‘यह मामला संज्ञान में नहीं था, पूरे मामले की जांच कराई जाएगी. विद्यालय की मान्यता है भी या नहीं, इसकी भी जांच होगी. इसके बाद कार्रवाई की जाएगी.' 

First published: 28 July 2016, 12:54 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी