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जयललिता का दोबारा किया गया प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 December 2016, 10:31 IST
(एजेंसी)

तमिलनाडु की दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के रिश्तेदारों ने उनके मोक्ष की प्राप्ति के लिए प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया है.

खबरों के मुताबिक मृत्यु के बाद जयललिता को दफनाया गया था, इसी कारण उनके रिश्तेदारों ने श्रीरंगपट्टनम में कावेरी नदी के तट पर उनका दाह संस्कार किया.

रिश्तेदारों का मानना है कि इससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होगी. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक जयललिता के रिश्तेदारों ने उनकी मोक्ष की प्राप्ति के लिए मंगलवार को हिंदू रीति-रिवाज से उनका अंतिम संस्कार किया.

इस मामले में दी गई सूचना में कहा गया है कि मंदिर के मुख्य पुजारी रंगनाथ लंगर ने जयललिता के दाह संस्कार की रस्में पूरी करवाईं. इस दौरान जयललिता के शव की जगह एक प्रतीकात्मक गुड़िया को उनकी प्रतिकृति के रूप में रखा कर दाह संस्कार किया गया.

बताया जा रहा है कि संस्कार से जुड़े कुछ कर्म अभी भी बचे हुए हैं, जो अगले पांच दिनों में पूरे किए जाएंगे. जया की मोक्ष प्राप्ति के लिए उनके सौतेले भाई वरदराजू ने सभी रस्मों को पूरा किया.

वरदराजू ने कहा कि एआईएडीएमके पार्टी को जयललिता की मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए. क्या उनकी बहन नास्तिक थीं या हिंदू त्योहारों और मान्यताओं को नहीं मानती थी? ऐसे में उनकी पार्टी ने उन्हें दफनाने का फैसला क्यों लिया? उनके अंतिम संस्कार से परिवार को क्यों दूर रखा गया?

गौरतलब है कि जयललिता के अंतिम संस्कार के दौरान पार्टी ने उनके परिवार से दूरियां बना ली थीं. यहां तक कि जब वह अस्पताल में भर्ती थीं तो भी परिवार के सदस्यों को उनसे मिलने नहीं दिया जाता था.

इसके बाद से पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके पार्टी की प्रमुख जयललिता के मैसूर और मेलूकोट में रहने वाले भतीजों में भारी नाराजगी है.

First published: 14 December 2016, 10:31 IST
 
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