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सेक्शन 377 को मिली हरी झंडी, ट्रांसजेंडर सरकारी कर्मचारी ने किया पार्टनर से शादी का ऐलान

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 September 2018, 15:20 IST

हाल में ही सुप्रीम कोर्ट धारा 377 को लेकर ऐतिहासिक फैसले दिया था. जिसके बाद देशभर में एलजीबीटी (लेस्बियन,गे,बाइसेक्शुअल,ट्रांसजेंडर और क्वीर) समुदायों में खुशी की लहर दौड़ गई थी. कोर्ट ने अपने बयान में कहा था कि गे सेक्स कोई अपराध नहीं हैं.

सुप्रीम कोर्ट के इस ऐतिहासिक फैसले के बाद ओडिशा के एक ट्रांसजेंडर ने अपने एक लिव-इन पार्टनर के साथ शादी करने का बोल्ड फैसला लिया है. आप को बता दें कि 34 वर्षीय ऐश्वर्या रुतुपर्णा प्रधान ओड़िशा के ट्रांसजेंडर समुदाय की पहली गैजेडेट सरकारी अधिकारी हैं.

अपने इस फैसले को लेकर ऐश्वर्या ने कहा कि कोर्ट फैसला सराहनीय है लेकिन अब कोर्ट को इस तरह की शादी को भी मान्यता देनी पड़ेग. कोर्ट को अब मेरे जैसे नागरिकों को सशक्त करने की जरूरत है,ताकि वे जिससे प्यार करते हैं जिससे उनका लगाव है उससे अपनी मर्जी से शादी कर सके. कोर्ट को हमें ये अधिकार भी देना चाहिए.

आगे बोलते हु्ए ऐश्वर्या ने कहा कि शीर्ष अदालत ने 15 अप्रैल 2014 को ट्रांसजेंडर समुदाय को तीसरे जेंडर कैटेगरी में रखा था और इसमें हमारे संवैधानिक अधिकारों को मान्यता नहीं दी गई थी. मैंने अपना माइंड मेकअप किया और इस पहचान को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार को पत्र लिखा.पिछले साल ही मुझे सभी आधिकारिक रिकॉर्ड में ट्रांसजेंडर की पहचान मिली है.

शादी को लेकर बात कर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हम एलजीबीटी कम्युनिटी के लिए स्पेशल मैरिज एक्ट के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं.  मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड है.हमें उम्मीद है कि हम जल्द ही शादी करेंगे. हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का इंतजार करेंगे. मैंने अपने पार्टनर के साथ एक हैप्पी फैमिली का सपना देखा है। मैंने शादी के बाद एक लड़की को भी गोद लेने का मन बनाया है.

First published: 10 September 2018, 15:20 IST
 
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