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Section 377 Verdict: ये थे भारत के पहले 'gay' राजा, पत्नी के सामने ऐसे खुला था राज!

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 September 2018, 18:07 IST
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देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को समलैंगिक संबंधों को अपराध मानने वाली धारा 377 को अवैध करार दे दिया है. इसके बाद भारत में अब समलैंगिक संबंधों को अपराध नहीं माना जाएगा. दो समलैंगिक वयस्क आपस में संबंध बना सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद एक बार फिर से समलैंगिकता का मुद्दा सुर्खियों में गया है. अब जब बात समलैंगिकता की हो रही है तो गुजरात के राजकुमार मानवेंद्र सिंह गोहिल का जिक्र ना हो ये हो नहीं सकता है. मानवेंद्र सिंह गोहिल भारत के पहले गे राजा थे.

मानवेंद्र सिंह गोहिल का जन्म गुजरात के एक राजघराने में हुआ था. गुजरात के महाराज राजपीपला के बेटे थे.राजघराने में जन्म लेने के बाद भी राघवेंद्र सिंह की जिंदगी आसान नहीं ही थी. वह राज घराने के अकेले ऐसे व्यक्ति रहे हैं. जिन्होंने अपने गे होने की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार की थी. इसके बाद उनको अपना घर छोड़ना पड़ा था. परिजनों ने उनको घर से निकाल दिया है. उन पर परिवार की बदवानी करने का आरोप भी लगाया गया था.

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 हालांकि इससे पहले कई सालों तक उन्होंने सेक्सुअलिटी छिपाकर रखी. वह किसी इसके बारे में बता नहीं सके थे. लेकिन एक दिन उनके इस राज से पर्दा उठ गया था. साल 1991 में मध्य प्रदेश के झाबुआ की राजकुमारी से उनकी शादी हो गई. इसके बाद कुछ समय तक उनको झूठ की जिंदगी जीनी पड़ी. हालांकि जब वो इस राज को छुपाकर नहीं रख सके तो उन्होंने इसके बारे में अपनी पत्नी को बता दिया. पत्नी को सच्चाई बताने के बाद दोनों का तलाक हो गया.

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एक साल बाद दोनों अलग हो गए. उनकी पत्नी ने मानवेंद्र को वादा किया था कि उनकी सेक्सुअलिटी के बारे में किसी को नहीं बताएंगी. वहीं मानवेंद्र ने भी तलाक होने के बाद किसी इसके बारे में पता नहीं चलने दिया. लेकिन सेक्सुअलिटी को छुपाना इतना आसान भी नहीं है. एक दिन मानवेंद्र को नर्वस ब्रेकडाउन हुआ और उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया. यहीं पर सायकायट्रिस्ट ने उनके पैरेंट्स को बताया कि वह गे हैं. 

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इसके बाद उनका काफी इलाज कराया गया. लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने सार्वजनिक तौर पर अपने गे होने की बात स्वीकर कर ली. इसके बाद उनकी जिंदगी और कठिन हो गई. ये खबर पूरे राज्य में आग की तरह फैल गई. उनके पुतले जलाए गए. पिता ने मानवेंद्र को जायजाद से बेदखल कर अपना रिश्ता तोड़ लिया. एक इंटरव्यी के दौरान राजकुमार मानवेंद्र ने कहा था कि इस बात को स्वीकार करना आसान नहीं है. समाज परिजनों को इस बात को स्वीकार नहीं करने देता है.

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First published: 6 September 2018, 18:07 IST
 
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