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पूर्व जस्टिस गांगुली पर भड़के अनुपम खेर का भाषण हुआ वायरल, देखें

कैच ब्यूरो | Updated on: 6 March 2016, 18:04 IST

कोलकाता में शनिवार रात को एक मीडिया समूह द्वारा "द टेलीग्राफ नेशनल डिबेट" का आयोजन किया गया. इसमें आमंत्रित पूर्व न्यायाधीश अशोक गांगुली द्वारा संसद हमले के दोषी अफजल गुरु को 2013 में फांसी देने के तरीके पर संदेह जताना उन्हें उल्टा पड़ गया. इसके बाद पद्म भूषण सम्मानित बॉलीवुड कलाकार अनुपम खेर भड़क गए और असहिष्णुता पर जारी लड़ाई को वहां ले गए जहां तक किसी ने सोचा न था. 

इसके बाद सोशल मीडिया पर उनका ये वीडियो वायरल हो गया और उन्हें बधाई देने वालों की बाढ़ आ गई. अनुपम ने कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला पर भी जोरदार हमला किया और दोनों को खूब खरीखोटी सुनाई. मालूम हो कि इस बहस का मुद्दा "टॉलरेंस इज द न्यू इनटॉलरेंस" रखा गया था. अनुपम खेर के ट्विटर पेज पर सैकड़ों की तादाद में उन्हें बधाई देते ट्वीट का सिलसिला अभी भी जारी है.

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कोलकाता में आयोजित इस राष्ट्रीय बहस के दौरान जस्टिस गांगुली ने कहा था कि फांसी दिए जाने के तरीके पर मैं (पूर्व) न्यायाधीश के तौर पर बोल रहा हूं... उसकी (अफजल गुरु) की दया याचिका तीन फरवरी को खारिज कर दी गई और नौ फरवरी को फांसी दे गई. यह गलत है. उसके पास उसे चुनौती देने का अधिकार था. परिवार का अधिकार था कि उन्हें इस बारे में सूचना दी जाती. इसके बाद सुरजेवाला बोले.

गांगुली और सुरजेवाला के बाद अनुपम खेर मंच पर बोलने पहुंचे. उन्होंने कहा, "जस्टिस गांगुली मैं आपके बयान से हैरान हूं. यह शर्मसार और दुखी करने वाला है. आप सुप्रीम कोर्ट के फैसले को गलत ठहरा रहे हैं. यह दुख की बात है. यह कलंकित करने वाला है. आप असहिष्णुता की बात करते हैं,  मीडिया पर हमला करते हैं और कहते हैं कि जेएनयू में जो हुआ वो सही था. मुझे एक सवाल पूछने दीजिए." 

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इसके बाद भी अनुपम शांत नहीं रहे. उन्होंने कहा, "हम एक शख्स को हीरो बना रहे हैं जिसने नौ फरवरी की रात नारा लगाया था. भारत की बर्बादी का. वहां के नारे थे, अफजल...जिंदा हैं...क्या सुप्रीम कोर्ट के जज अफजल के कातिल थे? भारत तेरे....होंगे इंशाअल्लाह....ये क्या था? आप सुप्रीम कोर्ट के फैसले को गलत ठहरा रहे हैं. अफजल पर फैसले को गलत बता रहे हैं. आप बीच में नहीं बोल सकते हैं, ये मेरा वक्त है." 

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फिर सुरजेवाला पर हमला करते हुए कहा कि आपने भाजपा के किए गए कामों की लिस्ट तैयार कर ली है. आप ये भूल गए हैं कि इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया था, वह देश में सबसे बड़ी असहिष्णुता थी. बेगुनाहों को, पत्रकारों को जेल में डाल दिया गया था. इसमें मेरे दादा भी थे. 

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उन्होंने इनटॉलरेंस या असहिष्णुता को भी काफी भारी शब्द बताते हुए कहा कि आठ माह पहले इसे कोई जानता भी नहीं था, लेकिन एक सुनियोजित तरह से इसे उछाला गया, इसे मार्केट किया गया. लेकिन भारत के लोग आज भी सहिष्णु हैं, अगर नहीं होते तो जस्टिस गांगुली के भाषण पर यहां बैठे दर्शक हो हल्ला कर देते.

कार्यक्रम में बॉलीवुड अदाकारा काजोल, वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त, मशहूर सोशलाइट सुहेल सेठ भी मौजूद थे. अनुपम के भाषण के दौरान मंच पर बैठे सुहेल सेठ और काजोल अनुपम का समर्थन करते भी दिखे.

First published: 6 March 2016, 18:04 IST
 
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