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फेड रिजर्व की बैठक से पहले सहमा बाजार, सेंसेक्स में 100 से अधिक अंकों की गिरावट

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 September 2016, 16:31 IST
QUICK PILL
  • एशियाई बाजारों में आई कमजोरी और बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के पहले भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों  के मुनाफावसूली की वजह से गिरावट दर्ज की गई. बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स मंगलवार को 111.30 अंक फिसलकर 28,532.20 पर बंद हुआ. 
  • दरअसल बाजार में आई सुस्ती की वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बुधवार को होने वाली बैठक है. अमेरिका में रोजगार के खराब आंकड़ों की वजह से बाजार को यह उम्मीद हो गई थी कि सितंबर के महीने में होने वाली बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी. लेकिन बाद में आए संकेतों के मुताबिक  फेडरल रिजर्व सितंबर की बैठक में ब्याज दरों को बढ़ाने का फैसला कर सकता है.

एशियाई बाजारों में आई कमजोरी और बुधवार को अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के पहले भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों  के मुनाफावसूली की वजह से गिरावट दर्ज की गई. बंबई स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स मंगलवार को 111.30 अंक फिसलकर 28,532.20 पर बंद हुआ. 

सेंसेक्स में सबसे अधिक गिरावट हीरो मोटोकॉर्प, अदानी पोर्ट्स, बजाज ऑटो, भारती एयरटेल, एनटीपीसी और टाटा मोटर्स के शेयरों में गिरावट आई. इन कंपनियों के शेयर एक फीसदी से लेकर करीब 2.5 फीसदी तक टूटे.

वहीं ओएनजीसी, टाटा स्टील, सिप्ला, मारुति, पावर ग्रिड और ल्यूपिन के शेयर मजबूती के साथ बंद हुए. मुख्य रूप से कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, आईटी, मेटल्स और बैंकिंग शेयरों में आई मुनाफावसूली की वजह से शेयर बाजार में गिरावट आई.

निफ्टी में भी मुनाफासवूली का असर दिखा. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 32.50 अंक टूटकर 8,7735.90 अंक पर बंद हुआ. निफ्टी के 21 शेयर हरे निशान में जबकि 30 शेयर लाल निशान में बंद हुए. इक्विटी में 19,327.55 करोड़  रुपये का कारोबार हुआ वहीं करेंसी ऑप्शंस में 22.61 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ.

मिडकैप और स्मॉल कैप भी टूटे

बीएसई मिड कैप भी मुनाफावसूली की वजह से दबाव में दिखा. वहीं स्मॉल कैप इंडेक्स में भी करीब 35 अंकों की गिरावट आई. बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और कैपिटल गुड्स में बिकवाली हावी रही.

ऑटो शेयर भी दबाव में रहे. बीएसई ऑटो इंडेक्स में करीब 140 अंक की गिरावट आई. सबसे अधिक नुकसान हीरो मोटोकॉप और बजाज ऑटो के काउंटर पर हुआ वहीं आयशर मोटर्स, एमआरएफ और मारुति के शेयरों में तेजी देखी गई.

बैंकिंग इंडेक्स में करीब 71 अंकों की गिरावट आई. बैंकिंग शेयरों में सबसे अधिक पिटाई फेडरल बैंक की हुई. बैंक का शेयर करीब 3 फीसदी टूटकर बंद हुआ. वहीं इंडसइंड बैंक और कोटक बैंक भी दबाव में रहे. यस बैंक हालांकि 2.25 फीसदी की मजबूती के साथ बंद हुआ. बैंक ऑफ बड़ौदा और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में तेजी रही.

निवेशक सतर्क

दरअसल बाजार में आई सुस्ती की वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बुधवार को होने वाली बैठक है. अमेरिका में रोजगार के खराब आंकड़ों की वजह से बाजार को यह उम्मीद हो गई थी कि सितंबर के महीने में होने वाली बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी. 

हालांकि बाद में फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ बॉस्टन के प्रेसिडेंट इरिक रोसनग्रेन के बयान के बाद एशियाई बाजारों में भूचाल आ गया.

इरिक ने कहा कि सितंबर महीने की समीक्षा बैठक में अमेरिका में ब्याज दरों में की जाने वाली बढ़ोतरी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व अर्थव्यवस्था की रफ्तार को देखते हुए चरणबद्ध तरीके से ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है.

एशियाई बाजार के लिए यह अप्रत्याशित स्थिति है, जिससे वह फिलहाल निपटने को तैयार नहीं हैं. 

विश्लेषकों और बाजार के अनुमान के मुताबिक ही हाल ही में यूरोपीय केंद्रीय बैंक ने अपनी मौद्रिक नीति की समीक्षा के दौरान ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. फेडरल रिजर्व की बैठक के अलावा निवेशकों की नजर जापान के केंद्रीय बैंक की बैठक पर भी है.

First published: 20 September 2016, 16:31 IST
 
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