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सुप्रीम कोर्ट: नाबालिग पत्नी से शारीरिक संबंध बनाना है रेप

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 October 2017, 12:22 IST

नाबालिग पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई के बाद दिए अपने फैसले में कहा कि नाबालिग पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाना रेप माना जाएगा. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सहमति से सेक्स करने की उम्र को कम नहीं किया जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि शारीरिक संबंधों के लिए उम्र 18 साल से कम करना असंवैधानिक है.

अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि अगर कोई पति अपनी 15 से 18 साल  तक की पत्नी के साथ संबंध बनाता है तो ये रेप माना जाए. कोर्ट ने कहा कि ऐसे मामले में एक साल के भीतर पत्नी के शिकायत करने पर पति के खिलाफ रेप का मामला दर्ज हो सकता है.

गौरतलब है कि IPC 375(2) के तहत क़ानून का ये अपवाद कहता है कि अगर कोई पति अपनी 15 से 18 साल की बीवी से शारीरिक संबंध बनाता है तो उसे रेप नही माना जा सकता है. वहीं, देश में बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के मुताबिक शादी करने के लिए लड़की की न्यूनतम उम्र 18 साल और लड़के की उम्र 21 साल है. कोर्ट ने अपने फैसले में इस मामले को POCSO के साथ जोड़ा है.

वहीं, केंद्र सरकार ने कोर्ट में इस कानून को सही ठहराते हुए कहा कि संसद ने सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए इस कानून को नहीं छेड़ा है. केंद्र सरकार ने कोर्ट से यह भी कहा, 'अगर कोर्ट को लगता है कि ये सही नहीं है तो संसद इस पर विचार करेगी.' उन्होंने कहा कि कोर्ट इस पर कानून नहीं बना सकती है.

हम आपको बता दें कि देश में विवाह की उम्र लड़कियों के लिए 18 और लड़कों के लिए 21 साल रखी गई है. इससे कम उम्र में हुई शादी को जुर्म माना गया है. इंडियन पीनल कोर्ड के तहत मामले में दो साल की सजा हो सकती है. बावजूद इसके देश के बड़े शहरों में बाल विवाह का आंकड़ा 0.7 फीसदी बढ़ा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इसका ग्राफ 0.3 फीसदी घटा है.

First published: 11 October 2017, 12:22 IST
 
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