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शहाबुद्दीन ने कोर्ट से लगाई गुहार, नीतीश सरकार से जान का खतरा

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST
(एजेंसी)

बिहार के बाहुबली और कई हत्याओं के आरोपी राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व सांसद मोहम्‍मद शहाबुद्दीन ने कोर्ट से अपील की है कि उन्हें नीतीश सरकार की कानून व्यवस्था पर भरोसा नहीं है और उनकी जान को खतरा है. इसलिए उन्हें दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया जाए.

आपराधिक प्रवृत्ति के आरजेडी नेता शहाबुद्दीन इस समय भागलपुर की सेंट्रल जेल में बंद हैं. शहाबुद्दीन के वकील ने सीवान कोर्ट से कहा है कि 'उसके क्लांइट को कस्‍टडी में ऐसा लगता है जैसे वह ‘राज्‍य सरकार के हाथों में बंद हैं’

उनके वकील ने स्‍पेशल कोर्ट से कहा कि ‘नीतीश सरकार शहाबुद्दीन को झूठे केस में फंसाने की कोशिश कर रही है. शहाबुद्दीन को सीवान जेल में ‘विजिटर्स से मिलने के बहाने दरबार लगाने’ के आरोप में भागलपुर जेल ट्रांसफर किया गया था.

पत्रकार राजेदव रंजन की हत्‍या के बाद सीवान प्रशासन के अनुरोध पर उन्हें भागलपुर जेल भेजा गया था.

गौरतलब है कि राजेदव रंजन की हत्‍याकांड में शहाबुद्दीन के गुर्गों में से एक लड्डन मियां को पुलिस ने मुख्‍य आरोपी बनाया है. शहाबुद्दीन नवंबर 2005 से हत्या और अन्य अपराध के मामले में जेल में बंद है.

शहाबुद्दीन के वकील ने सोमवार को सीवान कोर्ट से जेल में सुरक्षा दिलाने की अपील की थी. वकील ने कोर्ट से अपील की है कि 'कोर्ट याचिकाकर्ता की सुरक्षा के लिए आवश्‍यक कदम उठाए जाएं, ताकि राज्‍य सरकार के हाथों कस्‍टडी में उसकी हत्‍या ना हो जाए.'

इसके साथ ही वकील ने दावा किया कि पूर्व में राज्‍य सरकार ने साल 2006 में शहाबुद्दीन को जेल में मारने की कोशिश की थी.

शहाबुद्दीन ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि उसे एक ‘गहरी साजिश’ के तहत भागलपुर जेल में ट्रांसफर किया गया है.

याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसे पटना हाईकोर्ट की इजाजत के बिना ही दूसरे जेल में ट्रांसफर कर दिया गया, जबकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सीवान की विशेष अदालत के अंडरट्रायल कैदियों को किसी दूसरी जेल में शिफ्ट नहीं किया जा सकता.

First published: 29 June 2016, 11:46 IST
 
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