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दिल्लीः शाहीन बाग का धरना 100 दिन बाद खत्म, पुलिस ने उखाड़े टेंट, कई लोग हिरासत में लिए

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 March 2020, 9:10 IST

Shaheen Bagh strike ends: दिल्ली (Delhi) के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA) के खिलाफ चल रहा धरना प्रदर्शन (Protest) आज खत्म हो गया. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने धरनास्थल को पूरी तरह से खाली करा दिया. उत्तर पूर्वी जिले के डीसीपी (DCP) के मुताबिक, मंगलवार (Tuesday) सुबह वहां मौजूद प्रदर्शनकारियों से धरनास्थल को खाली करने की अपील की गई, लेकिन वे नहीं माने. ऐसे में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

बता दें कि दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस के खतरे के चलते आपात स्थिति बनी हुई है. कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए राजधानी दिल्ली समेत देशभर के कई राज्यों में लॉकडाउन किया गया है. ऐसे में शाहीन बाग में चल रहा धरना प्रदर्शन कोरोना के खिलाफ चल रही जंग में मुश्किल पैदा कर रहा था. इसी को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने शाहीन बाग के धरने को खत्म करने में तेजी दिखाई और धरना को समाप्त करा दिया गया. बता दें कि कोरोना वायरस की रोकथाम के चलते इनदिनों दिल्ली में कर्फ्यू जैसे हालात है. ऐसे में जो भी इन नियमों का उल्लंघन कर रहा है उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.

पुलिस ने शाहीन बाग के धरने के 101वें दिन खत्म कराकर टेंट को उखाड़ दिया. जब कुछ लोगों ने इसका विरोध किया तो दिल्ली पुलिस को कुछ लोगों को हिरासत में लेना पड़ा. बताया जा रहा है कि अभी भी वहां भारी संख्या में पुलिसबल तैनाता है. जिससे स्थिति को संभाला जा सके. पुलिस का कहना है कि अभी खाली करवाने की कार्रवाई चल रही है. कोरोना के बढ़ते प्रभाव के कारण हम पहले अपील कर रहे थे लेकिन, आज सुबह हमने इस कार्रवाई की शुरुआत की है.

शुरुआती तौर पर कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है. अभी तक 10 से 12 लोगों को हिरासत में लिया गया है. उनपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि ऩॉर्थ दिल्ली के शाहीन बाग में पिछले साल 16 दिसंबर से नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन हो रहा था. कुछ प्रदर्शनकारी कोरोना के मद्देनज़र दिल्ली में लगाए गए धारा 144 को भी मानने से इनकार कर रहे थे. लेकिन दिल्ली पुलिस को इसके लिए कड़े कदम उठाने पड़े और प्रदर्शन को खत्म कर दिया गया.

बता दें कि केंद्र सरकार पिछले साल दिसंबर में नागरिकता संशोधन कानून लेकर आई थी. नागरिकता संशोधन कानून-2019 में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्मों के प्रवासियों के लिए नागरिकता के नियम को आसान बनाया गया है. देश भर में इस कानून को लेकर विरोध हुआ. कई लोगों का कहना था कि यह कानून धर्म के आधार पर बना है जो देश के संविधान के मूल प्रस्तावना के खिलाफ है.

गौरतलब है कि कोरोना वायरस की महामारी को थामने के लिए देशभर में लॉकडाउन किया गया है. ऐसे में सोमवार को दिल्ली में लॉकडाउन का असर देखने को मिला. दिल्ली पुलिस कमिश्नर एसएन श्रीवास्तव ने रात करीब आठ बजे राष्ट्रीय राजधानी में तत्काल प्रभाव से धारा 144 का कड़ाई से पालन करने के आदेश जारी कर दिए.

दिल्ली पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश में कहा गया है कि, दिल्ली में जो लोग प्राइवेट संस्थानों में काम कर रहे हैं, उन्हें कर्फ्यू -पास लेना जरूरी होगा. कर्फ्यू पास निकटतम जिला डीसीपी कायार्लय जारी करेगा. जबकि राष्ट्रीय राजधानी की सीमा से बाहर दिल्ली में प्रवेश करने वालों के लिए कर्फ्यू पास उनके निकटस्थ दिल्ली जिले के पुलिस डीसीपी कायार्लय से संपर्क करना होगा.

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First published: 24 March 2020, 9:10 IST
 
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