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शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती बोले- 'हिंदुओं को 10 बच्चे पैदा करने चाहिए'

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 December 2016, 12:21 IST
(एजेंसी)

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने विवादास्पद बयान देते हुए कहा कि देश में हिंदुओं की जनसंख्या लगातार घट रही है. इसलिए अब हिंदुओं को दो बच्चों की जगह 10 बच्चे पैदा करने चाहिए. 

शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने आरएसएस के द्वारा आयोजित तीन दिवसीय धर्म संस्कृति महाकुंभ ‘हिंदू बचाओ’ की सभा में रविवार को दिया. इस महाकुंभ में कई ऋषियों ने हिस्सा लिया, जहां हिंदुओं से जनसंख्या को बढाने के लिए 10-10 बच्चे पैदा करने के लिए कहा गया.

अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक विश्व हिंदू परिषद के प्रवीण तोगड़िया ने बड़ा दुख जताते हुए कहा कि गोहत्या पर रोक लगाने पर कानून का रवैया टाल-मटोल वाला है.

इस मसले पर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी प्रवीण तोगड़िया के विचारों का समर्थन किया. वहीं ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी गोहत्या पर वैसे ही तुरंत फैसला लेने को कहा जैसे नोटबंदी के मामले में लिया गया.

उन्होंने हिंदुओं की संख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि हर हिंदू को कम से कम 10 बच्चे पैदा करने चाहिए.

वासुदेवानंद सरस्वती ने कहा, "हिंदुओं की जनसंख्या लगातार कम हो रही है और यह हिंदू समाज के लिए बहुत ही चिंता का विषय है. इसलिए मैं हिंदू समाज से अपील करता हूं कि वो दो बच्चों के नियम को त्यागकर कम से कम 10 बच्चे पैदा करना शुरू करें."

इससे पहले आरएसएस के संचालक मोहन भागवत ने हिंदुओं की कम होती जनसंख्या पर कहा था कि कौन सा कानून कहता है कि हिंदुओं की जनसंख्या नहीं बढ़नी चाहिए? ऐसा कुछ भी नहीं है.

संघ प्रमुख ने कहा था कि जब दूसरों की आबादी बढ़ रही है तो उन्हें कौन रोक रहा है? यह मुद्दा व्यवस्था से जुड़ा हुआ नहीं है. ऐसा इस वजह से है कि सामाजिक माहौल ही ऐसा है. उनके इस बयान की खूब आलोचना हुई थी.

First published: 26 December 2016, 12:21 IST
 
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