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शीना बोरा मर्डर: सरकारी गवाह बना श्यामवर उठाएगा रहस्य से पर्दा

अश्विन अघोर | Updated on: 22 June 2016, 6:34 IST

पिछले साल अगस्त में टेलीविज़न और कॉर्पोरेट जगत को हिला कर रख देने वाले हाई प्रोफाइल शीना बोरा मर्डर केस में सोमवार को एक रोचक मोड़ आ चुका है. सीबीआई की विशेष अदालत ने इन्द्राणी मुख़र्जी के ड्राइवर श्यामवर राय, (जो की मामले में अभियुक्त है) के सरकारी गवाह बनने की अर्ज़ी पर अपनी मुहर लगा दी है.

उम्मीद है कि, राय मर्डर से जुड़े सारे तथ्यों को कोर्ट के सामने रखेगा और उसे इस केस में रियायत भी मिल सकती है.

इन्द्राणी मुख़र्जी ने शीना के भाई मिखाइल बोरा पर भी इस अपराध में शामिल होने का आरोप लगाया है. इन्द्राणी के दावे को चुनौती देते हुए, मिखाइल ने कोर्ट से गुहार लगायी है कि उसे इस पूरे मामले में गवाह बने रहने दिया जाए.

क्या है पूरा मामला?

इस साल मई में श्यामवर राय ने सीबीआई की विशेष अदालत से मामले में सरकारी गवाह बनने की अनुमति मांगी थी. कोर्ट के आदेश को मानते हुए सीबीआई ने छह जून को विशेष अदालत को ये सूचित किया कि राय के सरकारी गवाह बनने पर उसे कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते वो अपराध से जुड़े सारे तथ्यों को कोर्ट के सामने रखने के लिए राज़ी हो.

सीबीआई द्वारा अर्ज़ी दाख़िल करने के बाद विशेष अदालत के स्पेशल जज एचएस महाजन ने राय को सरकारी गवाह बनने की अनुमति दे दी थी.

शीना बोरा मर्डर केस से जुड़े सारे तथ्यों का खुलासा करते हुए, राय ने 11 मई को अर्ज़ी दाख़िल कर कोर्ट से मामले में सरकारी गवाह बनने की इज़ाज़त मांगी थी. उसने ये भी बताया कि 2012 में जो भी हुआ, उसे सब पहले से मालूम था और वो ख़ुद इस अपराध में शामिल था.

अपराध में शामिल होने पर पछतावा जताते हुए, राय ने सीबीआई की विशेष अदालत के सामने ये बात स्वीकारी है कि उसने सरकारी गवाह बनने का फ़ैसला बिना किसी दबाव और धमकी के लिया है. उसने ये भी कहा कि उसके साथ किसी भी तरह की ज़बरदस्ती नहीं की गयी है.

राय की गिरफ़्तारी के बाद चीज़ें कैसी बदली हैं

अगस्त 2015 में गैर कानूनी हथियार रखने के आरोप में राय की गिरफ्तारी के बाद इस सनसनीखेज़ मर्डर का ख़ुलासा हुआ था. जैसे-जैसे वो अपराध से जुड़ी परतों से पर्दा उठाता गया, मामले से जुड़ा एक बड़ा झूठ पुलिस के सामने साफ़ होता गया.

राय की गिरफ्तारी के तुरंत बाद इन्द्राणी मुख़र्जी (स्टार टीवी की पूर्व सीईओ पीटर मुखर्जी की पत्नी) को गिरफ्तार कर लिया गया था. पिछले साल पूछताछ के दौरान राय ने मजिस्ट्रेट के सामने ये बयान रिकॉर्ड करवाया था कि इन्द्राणी और उसके पूर्व पति संजीव खन्ना ने शीना की गला दबा कर हत्या की थी और हत्या के बाद उसके शरीर को महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के एक गांव पेन के पास फ़ेंक दिया था.

राय ने ये भी बताया कि हत्या अप्रैल 2012 में इन्द्राणी की गाड़ी में की गयी थी और उस वक्त शीना की उम्र 24 साल थी. राय के अपराध स्वीकार लेने के तुरंत बाद इन्द्राणी और संजीव खन्ना को गिरफ्तार कर लिया गया था.

इंद्राणी के पति पीटर मुख़र्जी ने इस अपराध में शामिल होने के दावे को खारिज़ करते हुए ये बयान दिया था कि उन्हें ये लगता था कि शीना अमेरिका में है. लेकिन पिछले साल नवंबर में पूरे षड़यंत्र में शामिल होने के अंदेशे के बाद सीबीआई ने उन्हें भी इस मामले में गिरफ्तार कर लिया. बहरहाल ये अभी साबित नहीं हुआ है कि वो हत्या में शामिल थे या नहीं.

शीना की कहानी

शीना बोरा, इन्द्राणी और उनके पहले पति सिद्धार्थ दास की बेटी थी. इन्द्राणी और सिद्धार्थ की शादी 1987 में हुई थी. शीना मुंबई मेट्रो वन (रिलायंस ग्रुप का हिस्सा जो मुंबई मेट्रो रेल को परिचालित करता है) में बतौर एग्जीक्यूटिव काम कर रही थी.

24 अप्रैल 2012 से ही शीना रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थी. कुछ महीनों बाद बांद्रा में उसके मकान मालिक और ऑफिस वालों को शीना का मेल मिला जिसमें क्रमश: रेंट एग्रीमेंट को रद्द करने और नौकरी से इस्तीफ़े की बात कही गयी थी.

इन्द्राणी मुख़र्जी ने शीना के भाई मिखाइल बोरा पर भी इस अपराध में शामिल होने का आरोप लगाया है

इन्द्राणी और सिद्धार्थ दास का एक बेटा भी है जिसका नाम मिखाइल है. इन्द्राणी और सिद्धार्थ के अलग होने के बाद, दोनों बच्चे गुवाहाटी में इन्द्राणी के माता-पिता के साथ रहते थे. इन्द्राणी से अलग होने के बाद सिद्धार्थ कोलकाता आ चुके थे.

सिद्धार्थ से अलग होने के बाद इन्द्राणी ने कोलकाता में रहने वाले संजीव खन्ना से दूसरी शादी कर ली और उन दोनों की एक बेटी भी है. 2002 में संजीव से अलग होने के बाद इन्द्राणी पीटर मुख़र्जी से शादी कर मुंबई आ गई और पीटर से शीना और मिखाइल की पहचान उसने अपने भाई और बहन के तौर पर करवाई थी. मुंबई आने के बाद शीना ने सेंट ज़ेवियर कॉलेज में एडमिशन ले लिया था.

इन सब के बीच शीना और पीटर के बेटे राहुल एक दूसरे के करीब आ गए. इसकी भनक इन्द्राणी को लग गयी थी. इन्द्राणी को ये रिश्ता मंज़ूर नहीं था और उसने दोनों को इसे खत्म करने की हिदायत भी दी थी.

इसके बाद शीना की मेट्रो वन में बतौर असिस्टेंट मैनेजर नौकरी लग गई और वो इन्द्राणी से अलग होकर बांद्रा में किराए के घर में रहने लगी थी. जब इन्द्राणी को इस बात का एहसास हुआ कि शीना और राहुल अलग नहीं होंगे, तब उसने शीना को मारने का फैसला कर लिया.

इस पूरे षडयंत्र में इन्द्राणी के पूर्व पति संजीव खन्ना और ड्राइवर श्यामवर राय ने उसका साथ दिया. 24 अप्रैल 2012 को इन्द्राणी ने धोखे से शीना को मिलने के लिए बुलाया और फिर संजीव और राय की सहायता से अपनी गाड़ी में उसकी गला दबा कर हत्या कर दी. हत्या के बाद राय ने रायगढ़ ज़िले के पेन गांव के पास शीना के मृत शरीर को फेंक दिया.

सदमा और षडयंत्र

पीटर मुख़र्जी ने शीना की हत्या के इल्ज़ाम में इन्द्राणी की गिरफ्तारी पर आश्चर्य जताते हुए मामले से अनभिज्ञ होने का दावा किया था.

गिरफ्तारी के बाद इन्द्राणी ने इस बात को स्वीकारा है कि उसने शीना के अमेरिका चले जाने की झूठी ख़बर फैलाई थी. लोगों को शीना की मौत की भनक न लग जाए, इसके लिए वो शीना के फेसबुक पर उसकी तस्वीरें भी अपलोड किया करती थी.

राहुल को जब शीना के नंबर से रिश्ता खत्म करने का मैसेज मिला तब राहुल ने शीना से संपर्क करने की बहुत कोशिश की थी. पर जब उसकी शीना से कोई बात नहीं हो पायी तब उसने मुंबई के वर्ली पुलिस स्टेशन में मिसिंग रिपोर्ट दर्ज़ कराई थी.

मिसिंग रिपोर्ट दर्ज़ होने की बाद जब पुलिस पीटर मुख़र्जी के घर छानबीन के लिए पहुंची, उस वक्त इन्द्राणी ने उन्हें इस बात पर भरोसे में ले लिया कि शीना उच्च शिक्षा के सिलसिले में अमरीका गई है और इसी वज़ह से उसके और राहुल के रिश्ते में दरार पड़ गयी है.पुलिस ने इस छानबीन के बाद मामले को बंद कर दिया था. बहरहाल मर्डर का ये हिला देने वाला सनसनीखेज़ मामला तब सामने आया जब ग़ैर क़ानूनी हथियार रखने के आरोप में श्यामवर राय की गिरफ्तारी हुई.

First published: 22 June 2016, 6:34 IST
 
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