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BJP पर फिर बिफरी शिवसेना- नोटबंदी को बताया भ्रष्टाचार, बैंक को मतवाला बंदर

कैच ब्यूरो | Updated on: 31 August 2018, 12:08 IST

नोटबंदी को लेकर शिवसेना ने एक बार फिर से मोदी सरकार पर निशाना साधा है. हाल ही में नोटबंदी पर आई रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के बाद केंद्र सरकार को विपक्ष चौतरफा घेरने में लगा हुआ है. नोटबंदी के मामले में इस रिपोर्ट के बाद सियासी माहौल और भी ज्यादा बढ़ गया है. भाजपा की पक्षधर मानी जाने वाली शिव सेना अभी इन दिनों बीजेपी से खींची हुई नजर आ रही है.


इस मामले में शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में नोटबंदी पर एक लेख छापा है. इस लेख का शीर्षक 'मतवाले बंदर' दिया गया है. शिवसेना महाराष्ट्र के साथ केंद्र में भी सरकार के साथ शामिल है. लेकिन नोटबंदी के मुद्दे पर मोदी सरकार से खफा नजर आ रही शिवसेना ने कहा, ''नोटबंदी ने देश को आर्थिक अराजकता में ढकेल दिया इसलिए देश को दिए गए वचनों के प्रति निष्ठा रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी अब कौन सा प्रायश्चित करने वाले हैं? नोटबंदी का फैसला चटपटी लोकप्रियता वाला था. यह फैसला देशप्रेम नहीं था बल्कि देश के लिए खतरा था.''

इतना ही नहीं कांग्रेस से पूर्व पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का जिक्र करते हुए शिवसेना ने कांग्रेस के इस नेता की तारीफ भी की. उन्होंने कहा कि नोटबंदी से कला धन खत्म नहीं हो गया. कोई भी पैसे का अम्बार लगा कर इकठ्ठा नहीं करता. जिनकी समझ में नहीं आया उन्होंने मनमोहन सिंह को मूर्ख ठहराया मगर आज सच सामने आ चुका है.

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सामना में शिवसेना ने कहा, ''रिजर्व बैंक ने दावा किया कि सिर्फ 10 हजार करोड़ के नोट रद्द हुए, ऐसा रिजर्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है. मतलब पहाड़ खोदकर चूहा भी नहीं निकाल सके और इस न मिले हुए चूहे को मारने के लिए सरकार ने तिजोरी और जनता का नुकसान किया. देश में उद्योग-धंधे चौपट हो गए. किसानों को नुकसान हुआ. लोग बैंकों की कतार में महीनों खड़े रहे. 200 से अधिक लोगों की मौत हुई. डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ.''

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उद्धव ठाकरे की पार्टी ने इतना ही नहीं सरकार के इस फैसले को लेकर बैंकों पर भी धावा बोला. पार्टी ने कहा, ''रिजर्व बैंक के गवर्नर इस लूट को नहीं रोक पाए इसलिए उन्हें अदालत के सामने पेश किया जाना चाहिए. मौजूदा शासन में बैंक मतवाला बंदर हो गया है.''

First published: 31 August 2018, 12:05 IST
 
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