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शिवसेना ने मोदी सरकार से कहा- देश की पहली हिंदू सरकार में सावरकर को मिले भारत रत्न

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 May 2018, 9:12 IST

एक समय मोदी सरकार में शामिल रही शिवसेना ने अब वीर सावरकर के बहाने सरकार पर निशाना साधा है. शिवसेना ने मोदी सरकार की हिंदुत्व विचारधारा पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर एनडीए सरकार की रगों में विशुद्ध हिंदू खून मौजूद है तो वीर सावरकर को भारत रत्न का सम्मान दिया जाए.

शिवसेना सांसद संजय राउत ने एक लेख में लिखा कि केंद्र की मोदी सरकार खुद को हिंदुत्व की पैरोकार बताती है, अगर वह वीर सावरकर को भारत रत्न नहीं देते हैं तो घोषणा करें कि हिंदुत्व सिर्फ उनकी राजनीति में ही है.

 

शिवसेना के मुखपत्र सामना के एक लेख में संजय राउत ने लिखा कि बीजेपी अपने सभी कार्यालयों और छोटे दफ्तरों में दीन दयाल उपाध्याय की फोटो तो लगाती है लेकिन वीर सावरकर को कहीं सम्मान नहीं देती. उन्होंने लिखा कि बीजेपी इसीलिए दीन दयाल उपाध्याय की फोटो लगाती है क्योंकि वह जनसंघ के संस्थापक थे.

इसके अलावा जिन्ना विवाद पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने लिखा कि कुछ मुस्लिम संगठन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से जिन्ना की फोटो हटाने को लेकर अन्य कार्यालयों से वीर सावरकर की फोटो हटाने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने लिखा कि वास्तव में यही हिंदुत्व के नायक वीर सावरकर की जीत है. 

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उन्होंने इसके बहाने मोदी सरकार और मोदी समर्थकोंं पर भी निशाना साधा. उन्होंने लिखा, "जो लोग पीएम मोदी की आलोचना करने मात्र से ही भड़क उठते हैं और गाय के नाम पर मुसलमानों की हत्या कर देते हैं. वह लोग वीर सावरकर की प्रतिमा हटाए जाने की मांग पर चुप बैठे हैं."

इसके अलावा संजय राउत ने लिखा कि जब भी कोई चुनाव आता है तो पाकिस्तान, जिन्ना और सावरकर जैसे मुद्दे सामने आ जाते हैं. उन्होंने लिखा कि जब देश में कांग्रेस की सरकार होती थी तो छद्म धर्मनिरपेक्षता दिखाई देती थी और आज छद्म हिंदुत्ववाद दिखाई देता है. इसका इस्तेमाल केवल चुनाव में वोट के लिए किया जा रहा है. इस सरकार में हिंदुत्व का उपयोग करके सिर्फ चारों तरफ जहर फैलाया जा रहा है. 

उन्होंने अपने लेख में मोदी सरकार से पूछा कि हिंदू और मुस्लिमों के बीच संघर्ष की साजिश का उपयोग क्या 2019 का चुनाव जीतने के लिए किया जा रहा है? उन्होंने कहा कि हमेशा सावरकर को विवाद में घसीट दिया जाता है. सावरकर को जिंदा रहने पर भी पीड़ा दिया गया जबकि उनकी मौत के बाद भी उन पर लांछन लगाया गया. वह कट्टर व्यक्ति नहीं थे बल्कि हिदुत्ववादी थे. 

First published: 14 May 2018, 8:54 IST
 
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