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शिवसेना ने पूछा- क्या पीओके में सेना भेजेगी मोदी सरकार?

कैच ब्यूरो | Updated on: 24 August 2016, 11:45 IST
(फाइल फोटो)

नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ शिवसेना के तल्ख तेवरों में कोई कमी नहीं नजर आ रही है. अपने मुखपत्र सामना के जरिए शिवसेना ने एक बार फिर कश्मीर और बलोचिस्तान को लेकर मोदी सरकार से कई सवाल पूछे हैं.

सामना के संपादकीय लेख में बलोच नेताओं पर हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए लिखा गया है कि ऐसा भारत और मोदी का समर्थन करने पर हुआ है, तो क्या अब उन्हें मुक्त करवाने के लिए पीओके में केंद्र सरकार सेना भेजेगी?  

'बलोच नेताओं को कैसे आजाद कराएंगे?'

बुधवार के अंक में शि‍वसेना ने लिखा, "पीएम मोदी का समर्थन बलोच नेताओं को भारी पड़ रहा है. उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया जा रहा है. उन्हें जेल की हवा खानी पड़ रही है. अब मोदी क्या करेंगे? नेताओं को मुक्त करवाने के लिए पाक अधिकृत कश्मीर मे सेना घुसाएंगे या बलूच नेताओं पर होने वाले दमन के खिलाफ एक और भाषण ठोककर उसका धिक्कार करेंगे."

'सामना' में लिखा गया है, "मोदी के बयान का बलोच नेताओं ने स्वागत किया था. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 15 अगस्त को लाल किले से पाकिस्तान को फटकार लगाई थी.

इस कारण बलोचिस्तान और गिलगिट की जनता उन पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ सड़कों पर उतरी है. वे पाकिस्तान के अत्याचारों से मुक्ति चाहते हैं. मोदी ने बलूचिस्तान के लोगों का अभिनंदन किया, यही वजह है कि अब उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है." 

'पाक झंडा लहराने वालों पर कार्रवाई कब?'

संपादकीय लेख में जम्मू-कश्मीर की सरकार पर भी निशाना साधा है. शिवसेना ने पूछा है कि पीओके का मुद्दा उठाया गया, जबकि कश्मीर में भी रोज पाकिस्तान का झंडा लहराने वाले और पाकिस्तान का गुणगान करने वाले कम नहीं है. क्या उन पर हिंदुस्तान में कोई कार्रवाई की गई?

शि‍वसेना ने साथ ही संपादकीय में लिखा है कि कश्मीर में मारे गए और हिंसाचार करने वाले लोग पाकिस्तान की नजर मे स्वतंत्रता सेनानी होंगे. इस लिहाज से हिंदुस्तान में आने के लिए संघर्ष करने वाले बलोच नेता भी स्वतंत्रता सेनानी ही हैं, ऐसा हम मानते हैं. शिवसेना ने पीएम मोदी से इस पर भी सवाल पूछा है.

First published: 24 August 2016, 11:45 IST
 
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