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शिवसेना: बीजेपी ने उत्तराखंड में 'लोकतंत्र' की हत्या की है

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

उत्तराखंड के राजनीतिक विवाद में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना उससे खिलाफ खड़ी नजर आ रही है.

उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के फैसले पर बीजेपी की कड़ी आलोचना करते हुए शिवसेना का कहना है कि नैतिकता की आजड लेकर उठाये गये इस कदम से बीजेपी ने 'लोकतंत्र की हत्या' कर दी है.

इसके साथ ही शिवसेना ने बीजेपी को चेतावनी भी दी है कि इस फैसले से देश में भय, अस्थिरता और अराजकता का माहौल पैदा हो सकता है.

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समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक शिवसेना ने साफ कहा है कि महाराष्ट्र में बीजेपी के साथ गठबंधन ‘अस्थायी है और यह राजनीतिक मजबूरी का नतीजा है. इस गठबंधन में कुछ भी नैतिक या अनैतिक नहीं है.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय लेख में बीजेपी पर आरोप लगाया है कि उसने उत्तराखंड की रावत सरकार को अस्थिर करने के लिए कांग्रेस के नौ बागी विधायकों को हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया है.

'सामना' के संपादकीय लेख में बीजेपी से पूछा गया है कि, 'यदि उत्तराखंड में सरकार के पास बहुमत की कमी थी तो इस बात का फैसला राज्य विधानसभा में लिया जाना चाहिए था. जब राज्यपाल ने रावत सरकार को 28 मार्च तक बहुमत साबित करने का वक्त दिया था तो उससे एक ही दिन पहले राष्ट्रपति शासन लगाने की क्या जरूरत थी. आखिर बीजेपी ने इससे क्या हासिल कर लिया?'

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लेख में कहा गया है कि 'शिवसेना कांग्रेस के किसी भी तरह के भ्रष्ट कृत्यों के खिलाफ हैं, लेकिन लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को लोकतांत्रिक उपायों से ही हटाया जाना चाहिए. हमें आशंका है कि मोदी सरकार के इस फैसले से देश में अस्थिरता और अराजकता पैदा हो सकती है.'

गौरतलब है कि उत्तराखंड में सत्ताधारी कांग्रेस में विद्रोह के मद्देनजर संवैधानिक संकट का हवाला देते हुए केंद्र ने रविवार को उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगा दिया था. इसके बाद कांग्रेस ने उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाए जाने के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह ‘लोकतंत्र की हत्या’ करने वाला ‘काला’ दिन है.

वहीं उत्तराखंड घटनाक्रम में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने कल जारी अपने आदेश में कहा था कि रावत सरकार 31 मार्च को विधानसभा में बहुमत साबित करे.

First published: 30 March 2016, 4:54 IST
 
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