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शिवपाल का पार्टी और सरकार से इस्तीफा, अखिलेश की विजय

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 September 2016, 7:44 IST

बृहस्पतिवार को दिन में समाजवादी परिवार की जो लड़ाई सिमटती दिख रही थी वह रात होते-होते खुलकर सामने आ गई. बुधवार से चल रही बैठकों का दौर बृहस्पतिवार को भी देर रात तक चलता रहा. इस बीच सरकार के वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने बृहस्पतिवार देर रात सरकार और पार्टी दोनों से अपना इस्तीफा दे दिया.

इससे पहले शाम को शिवपाल यादव ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की थी. यह मुलाकात करीब 20 मिनट चली थी. इसके बाद शिवपाल ने मंत्रिमंडल से अपना त्यागपत्र मुख्यमंत्री को भिजवा दिया. इतना ही नहीं शिवपाल ने पार्टी अध्यक्ष पद से भी अपना इस्तीफा दे दिया है जो कि दो दिन पहले ही उन्हें सौंपा गया था. हालांकि न तो मुख्यमंत्री ने उनका इस्तीफा स्वीकार किया है न ही मुलायम सिंह ने.

शिवपाल की नाराजगी इस कदर है कि उन्होंने अपनी पत्नी सरला यादव का कोऑपरेटिव निदेशक पद से और बेटे आदित्य का प्रादेशिक कोऑपरेटिव के चेयरमैन पद से भी इस्तीफा दिलवा दिया है. उनके इस्तीफे भी अभी मजूंर नहीं हुए हैं.

शिवपाल की नाराजगी इस कदर है कि उन्होंने अपनी पत्नी सरला यादव और बेटे आदित्य का भी इस्तीफा दिलवा दिया है

यूपी की सत्ता पर काबिज सपा में अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया. मालूम हो कि मुख्यमंत्री द्वारा गत 13 सितंबर को शिवपाल के करीबी अधिकारी माने जाने वाले मुख्य सचिव दीपक सिंघल को हटाए जाने के बाद अखिलेश और शिवपाल की तल्खियां और बढ़ गई थीं. सिंघल को हटाए जाने के बाद सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के आदेश पर अखिलेश को समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाकर शिवपाल को यह जिम्मा सौंप दिया गया था.

इसके चंद घंटों बाद ही अखिलेश ने शिवपाल से लोक निर्माण, राजस्व और सहकारिता जैसे महत्वपूर्ण विभाग छीन लिए थे. सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी में चल रहे सियासी घमासान के बीच मुलायम ने शिवपाल को अपने घर बुला कर काफी समझाने की कोशिश की वे अभी इस्तीफा ना दें मगर यह प्रयास नाकाम रहा.

शिवपाल यादव के इस्तीफे का अंदेशा मुुलायम सिंह को शायद हो गया था इसीलिए वे बृहस्पतिवार को ही दिल्ली से लखनऊ पहुंच गए. पहले उन्हें शुक्रवार को लखनऊ आना था.

लखनऊ पहुंचते ही शाम को मुख्यमंत्री अखि‍लेश यादव पिता मुलायम सिंह यादव से मुलाकात करने पहुंचे. सूबे की राजधानी में पांच कालिदास मार्ग पर भतीजे सीएम के साथ चाचा शिवपाल यादव की बैठक हुई जबकि बैठक से निकलने पर शि‍वपाल ने कोई बयान नहीं दिया. अखि‍लेश देर शाम पिता मुलायम से मिलने देर शाम उनके विक्रमादित्य मार्ग स्थि‍त आवास पहुंचे.

परिवार में पाले खिंचे

बुधवार को राजधानी लखनऊ में चले घटनाक्रम से एक बात साफ हो गई कि परिवार के भीतर स्पष्ट रूप से दो पाले खिंच चुके हैं. एक पाला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का है जिसमें उनके चाचा राम गोपाल यादव शामिल हैं. दूसरा पाला शिवपाल यादव का है जिसे कथित तौर पर नेपथ्य से मुलायम सिंह की पत्नी साधना गुप्ता का समर्थन प्राप्त है.

बुधवार को पहली बार रामगोपाल यादव ने सीधे शब्दों में अखिलेश यादव को प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने को गलत करार दिया. यह हमला शिवपाल यादव पर था. रामगोपाल ने यह भी कहा कि उन्हें मई माह में पार्टी मामलों का प्रभारी बनाना भी गलत कदम था क्योंकि पार्टी में ऐसा कोई पद होता ही नहीं है.

इस बयान पर शिवपाल यादव बिदक गए. उन्होंने भी बयान दिया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव है और वो जो फैसला करेंगे वह सबको मान्य होना चाहिए. यह बात पार्टी के संंविधान में लिखी हुई है.

इसके बाद से स्थितियां लगातार खराब होती गईं और अब शिवपाल के इस्तीफे के बाद खबर है कि लखनऊ में शिवपाल के आवास के बाहर उनके समर्थक इकट्ठा हो गए हैं. आज का दिन इस लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है.

First published: 16 September 2016, 7:44 IST
 
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