Home » इंडिया » Shivraj Patil: Batla House encounter was not fake
 

शिवराज पाटिल: फर्जी नहीं था बटला हाउस एनकाउंटर

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 May 2016, 12:22 IST
(पत्रिका)

दिल्ली के बटला हाउस एनकाउंटर को दिग्विजय सिंह समेत कांग्रेस के कई नेताओं ने फर्जी करार दिया था, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल का कहना है कि ये एनकाउंटर फर्जी नहीं था.

शिवराज पाटिल ने कहा कि बटला हाउस एनकाउंटर को लेकर उन्हें कभी कोई शक नहीं था, क्योंकि ये एक सही एनकाउंटर था. इस एनकाउंटर को लेकर सवाल उठाना बिल्कुल गलत है.

दिग्विजय अपने दावे पर कायम

पाटिल का ये बयान इसलिए भी काफी अहम है, क्योंकि दिग्विजय सिंह समेत कई कांग्रेसी नेता इस एनकाउंटर को फर्जी बता चुके हैं. इससे पहले दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को एक बार फिर बटला हाउस एनकाउंटर पर सवाल उठाए.

दिग्विजय शुरुआत से ही इस एनकाउंटर को गलत ठहराते रहे हैं. दिग्विजय ने एक बार फिर न्यायिक आयोग से इस मामले की जांच कराने की मांग की. वहीं आईएसआईएस के वीडियो में कथित तौर पर मोहम्मद बड़ा साजिद पर टिप्पणी से उन्होंने इनकार किया. दिग्विजय ने कहा कि बड़ा साजिद, मझोला साजिद या छोटे साजिद कौन है, वो नहीं जानते. सरकार को इसकी जांच करानी चाहिए. 

19 सितंबर 2008 को एनकाउंटर

दिल्ली के जामियानगर इलाके में 19 सितंबर 2008 को बटला हाउस एनकाउंटर हुआ था. मुठभेड़ के दौरान पुलिस की गोली से आतिफ अमीन और मोहम्मद साजिद नाम के दो संदिग्ध युवकों की मौत हो गई थी. पुलिस के मुताबिक ये युवक आतंकी गतिविधियों में शामिल थे. एकाउंटर के दौरान दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर मोहनचंद्र शर्मा भी शहीद हो गए थे.

इंस्पेक्टर मोहन चंद्र शर्मा ने एनकाउंटर के दौरान पुलिस टीम का नेतृत्व किया था. इस मामले में पुलिस ने बाद में मोहम्मद सैफ और जीशान नाम के दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया था. जबकि एक संदिग्ध आरिज फरार चल रहा है. इस मामले में सियासत भी काफी गरमाई थी. एनकाउंटर के वक्त शिवराज पाटिल देश के गृह मंत्री थे.

शहजाद को उम्रकैद की सजा

30 जुलाई 2013 को दिल्ली की साकेत कोर्ट ने बटला हाउस एनकाउंटर के मामले में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़े शहजाद अहमद को दोषी माना था. अदालत ने शहजाद को उम्र कैद की सजा सुनाई थी. कोर्ट ने शहजाद पर 95 हजार का जुर्माना भी लगाया था.

दिल्ली में 13 सितंबर, 2008 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के छह दिन बाद पुलिस ने इंस्पेक्टर मोहनचंद्र  शर्मा के नेतृत्व में खुफिया सूचना के आधार पर 19 सितंबर, 2008 को दक्षिणी दिल्ली के जामिया नगर इलाके में स्थित बटला हाउस में छापा मारा था.

पुलिस के मुताबिक उस वक्त वहां मौजूद लोगों में शहजाद अहमद भी था. बम विस्फोट करोल बाग, कनाट प्लेस, ग्रेटर कैलाश और इंडिया गेट इलाके में हुए थे, जिसमें इंडियन मुजाहिदीन का हाथ होने की बात कही जा रही थी.

इस आतंकी वारदात में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 133 लोग घायल हो गए थे. पुलिस ने इस मामले में अहमद के खिलाफ 28 अप्रैल, 2010 को आरोपपत्र दाखिल किया था. अभियोजन पक्ष ने 70 गवाहों को पेश किया, जिसमें पुलिस की छापेमारी टीम में शामिल छह चश्मदीद भी थे.

मोदी सरकार के मुरीद पाटिल !

शिवराज पाटिल ने साथ ही मोदी सरकार की तारीफ की है. पाटिल ने कहा कि मोदी सरकार ने कई बड़े कदम उठाए हैं, जो अच्छे हैं. पाटिल ने मोदी सरकार को और वक्त देने की वकालत की है.

वहीं पाटिल ने कांग्रेस में बड़े बदलाव की मांग की है. पाटिल ने कहा, "अब वक्त आ गया है कि कांग्रेस अपने अंदर बड़े स्तर पर बदलाव करे. आतंक का कोई मजहब नहीं होता. इसे किसी मजहब के चश्मे से देखना भी नहीं चाहिए. गलत विचारधारा हमेशा समाज के लिए खतरनाक होती है. इसलिए समाज को एक बनाए रखने की कोशिश करनी चाहिए."

First published: 25 May 2016, 12:22 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी