Home » इंडिया » Shivsena Sanjay Raut says if BJP wins less than 100 seats from 2014, NDA will decide PM
 

गठबंधन के बाद भी शिवसेना ने दिखाई आंख, कहा- ..तो BJP नहीं NDA तय करेगा प्रधानमंत्री

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 February 2019, 13:10 IST

2019 लोकसभा चुनाव के लिए महाराष्ट्र में BJP और शिवसेना में गठबंधन तय हो गया है. इसके तहत बीजेपी 25 सीटों और शिवसेना 23 लोकसभा सीटों पर चुनाव लडेंगे. हालांकि गठबंधन के बाद भी शिवसेना बीजेपी को अपना तेवर दिखा रही है.

शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा है कि यदि भाजपा 2014 की तुलना में इस चुनाव में 100 सीटें कम जीतती है तो प्रधानमंत्री बीजेपी नहीं एनडीए तय करेगा. इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में उन्होंने यह बात कही. जब उनसे पूछा गया कि सामना में आपने अपने कॉलम में हंग असेंबली की संभावना पर कहा था कि गडकरी इसका इंतजार कर रहे हैं.. क्या आप सुझाव दे रहे थे कि ऐसी स्थिति में गडकरी पीएम होंगे?

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इस पर संजय राउत ने कहा, "हमने पीएम के लिए नितिन गडकरी का समर्थन नहीं किया. ऐसी खबरें मीडिया और आरएसएस से आती हैं. हमने ऐसी कोई शर्त बीजेपी के सामने नहीं रखी. सिर्फ गडकरी का नाम क्यों? भाजपा के बहुत से चेहरे हैं. अगर बीजेपी 2014 से 100 सीटें कम जीतती है, तो एनडीए तय करेगा कि पीएम कौन होगा."

उन्होंने कहा कि भले ही 2014 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने यहां 123 और शिवसेना ने 63 सीटें जीती थीं, लेकिन हम अब भी राज्य में सबसे बड़े हैं. इस बार भाजपा शिवसेना लगभग बराबर सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं. उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा शिवसेना को मुख्यमंत्री पद देने के बारे में सकारात्मक है.

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जब उनसे पूछा गया कि गठबंधन जीतता है तो क्या शिवसेना पूरे कार्यकाल के लिए सीएम की कुर्सी अपने पास रखेगा? इसका जवाब देते हुए राउत ने कहा कि हम ये समय आने पर सोचेंगे लेकिन मुख्यमंत्री तो शिवसेना का ही होगा.

पीएम मोदी पर शिवसेना के हमलों को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि शिवसेना ने हमेशा सच का साथ दिया है. हमने भूमि अधिग्रहण के कानून का विरोध किया. किसानों की उपजाऊ जमीन पर स्मार्ट सिटी नहीं बन सकती. इसके अलावा हमने बुलेट ट्रैन का भी विरोध किया, क्योंकि इस से किसानों का नुकसान होगा. राउत ने बताया कि हमने नोटबंदी का भी विरोध किया, क्योंकि उससे बेरोजगारी बढ़ी. हम राम मंदिर पर सवाल उठा रहे हैं, हमने हमेशा उनकी नीतियों की आलोचना की है.

First published: 20 February 2019, 13:10 IST
 
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