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कश्मीर: आतंकी पंडित का शव भीड़ ने छीना, दी 21 बंदूकों की सलामी

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 April 2016, 13:59 IST

कश्‍मीर में हिंसक भीड़ ने पुलिस पर हमला करके मारे गए दो आतंकियों में एक नसीर पंडित का शव छीन लिया.

इसके साथ ही उग्र भीड़ ने पुलिस की बुलेटप्रूफ गाड़ी को भी छीनकर उसे पुलवामा से पांच किलोमीटर दूर करीमाबाद ले जाकर आग के हवाले कर दिया.

केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ गुरुवार की सुबह हुई मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन के दो आतंकी मारे गये थे. सुरक्षा बलों ने शोपियां के वेहिल गांव में दोनों को मार गिराया था.

इस मुठभेड़ में नसीर पंडित के अलावा वसीम मल्‍ला मारा गया था. मारा गया आतंकी नसीर हिजबुल में शामिल होने से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस में सिपाही था. मारे गये दोनों आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान मुजफ्फर वानी के काफी खास माने जाते थे.

मुठभेड़ के बाद जब नसीर के शव को पुलिसकर्मी ले जा रहे थे तो वहां लोगों ने विरोध प्रदर्शन शरू कर दिया. उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों पर हमला करके पंडित का शव जबरिया छीन लिया और उसके पैतृक स्थान करीमाबाद ले गये. करीमाबाद में पंडित की शवयात्रा में हजारों लोग शामिल हुए.

जब पंडित को दफनाया जा रहा था तो अज्ञात लोगों के द्वारा उसे 21 बंदूकों की सलामी भी दी गई. नसीर को दफनाने के समय चार बार नमाज-ए-जनाजा पढ़ी गई. इसके अलावा पहलीपुरा में भी पंडित को दफनाने के वक्त कई अन्य जगहों पर भी नमाज पढ़ी गई.

इस मामले में पुलवामा के एसपी रईस अहमद मीर ने बताया कि, ’उग्र भीड़ ने पुलिस की एक बुलेटप्रुफ गाड़ी को जला दिया है, लेकिन पुलिस किसी भी तरह की अप्रिय घटना को टालना चाहती थी. अगर हम कोई सख्त कदम उठाते तो स्थिति संभलने के बजाए बिगड़ सकती थी.'

गौरतलब है कि सुरक्षाबलों के द्वारा मुठभेड़ में मारा गया हिज्बुल का आतंकी नसीर पंडित पहले पीडीपी के मंत्री अल्‍ताफ बुखारी का पीएसओ हुआ करता था.

पंडित पिछले साल जम्मू-कश्मीर पुलिस की दो राइफल लेकर फरार हो कर हिजबुल से जुड़ गया था. वसीम पंडित शोपियां जिला का हिजबुल प्रमुख था.

First published: 8 April 2016, 13:59 IST
 
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