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सीताराम येचुरी: अमेरिका के साथ डिफेंस डील से प्रभावित होगी देश की संप्रभुता

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 December 2016, 11:57 IST
(पीटीआई)

अमेरिका के साथ एक बड़े रक्षा सहयोग समझौते को लेकर माकपा ने मंगलवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर जानबूझकर संसद की उपेक्षा करने का आरोप लगाया.

वामपंथी पार्टी का मानना है कि अमेरिका के साथ करार करके मोदी सरकार भारतीय संप्रभुता और रणनीतिक स्वायत्तता से समझौता कर रही है.

प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र में मार्क्‍सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, "अमेरिका के साथ समझौता, जो भारत को अमेरिका के करीबी घटक देशों और सहयोगियों के समान बनाता है, वह देश की रक्षा संबंध नीतियों में महत्वपूर्ण बदलाव है और यह संसद को विश्वास में लिए बिना किया गया है."

उन्होंने कहा, "हालांकि अमेरिकी सरकार ने बड़े रक्षा सहयोगी दर्जे के विस्तृत विवरणों को वित्त वर्ष 2017 के राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (एनडीएए) के हिस्से के रूप में मंजूरी के लिए सीनेट की पटल पर रखा, जबकि आपकी सरकार ने इस तरह के महत्वपूर्ण समझौते को लेकर संसद में एक बयान तक जारी नहीं किया. 2017 एनडीएए को पढ़कर देश समझौते के अमेरिकी पक्ष को समझ सकता है, लेकिन अमेरिका के बड़े रक्षा सहयोगी के रूप में भारत की प्रतिबद्धता से अनभिज्ञ बना हुआ है."

येचुरी ने कहा, "एनडीएए 2017 के पैरा (1) और उपबंध 1292 तथ्यों को साफ़ जाहिर करता है. यह दक्षिण एशिया और वृहत भारत-एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उच्च अमेरिकी हितों के मद्देनजर भारत के साथ रक्षा और सुरक्षा सहयोग में विस्तार पर स्पष्ट रूप से प्रकाश डालता है."

सीपीएम महासचिव येचुरी ने कहा कि अपने पड़ोस में अमेरिका के सहयोगी बनने की आपकी सरकार की प्रतिबद्धता बेहद दुखद और निराशाजनक है. यह स्वतंत्र भारतीय विदेश नीति के ताबूत में अंतिम कील का प्रतिनिधित्व करती है.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस साल के शुरू में दोनों देशों के बीच हुए लॉजिस्टिक विनिमय समझौते को न तो संसद में रखा गया और न ही इसे रक्षा पर स्थाई समिति के समक्ष पेश किया गया है.

First published: 14 December 2016, 11:57 IST
 
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