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नोटबंदी से लगा छोटे उद्योगों पर ताला

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 December 2016, 12:02 IST
(पीटीआई)

नोटबंदी से आभूषण तथा लघु मझोले उपक्रमों (एसएमई) जैसे अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्र बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. वहीं असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले बड़े संख्या में लोगों को अपनी नौकरी खोनी पड़ी है. यह जानकारी उद्योग मंडल एसोचैम ने दी है.

इस संबंध में एसोचैम की ओर से बताया गया है कि सरकार के द्वारा नोटबंदी को बिना तैयारियों के क्रियान्वित किया गया है. संभवत: सरकार ने नोटबंदी के प्रभाव तथा चुनौतियों के बारे में ठीक से समझ कर प्लान नहीं बनाया था. इसके लिए काफी काम किए जाने की जरूरत थी. जिस तरीके से इसे क्रियान्वित किया गया है, हमें भरोसा है कि खुद प्रधानमंत्री भी इससे खुश नहीं होंगे.

एसोचैम ने कहा कि नोटबंदी से मौजूदा परिदृश्य प्रभावित होगा. इसका सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) पर भी असर होगा.

सरकार द्वारा 500 और 1,000 का नोट बंद करने के बाद से जमीनी हालात पर एसोचैम ने कहा कि आभूषण कंपनियों पर इसका सबसे अधिक असर हुआ है. उपभोक्ता सामान क्षेत्र और लघु और मझोले उद्योग भी इससे बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं.

एसोचैम का कहना है कि मौजूदा और अगली तिमाही में कुछ ऐसे कारोबार हैं, जो सीधे-सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ा है, निश्चित रूप से इससे प्रभावित होगा.

एसोचैम ने जोर देकर कहा है कि नोटबंदी के वांछित नतीजे हासिल करने के लिए 'बड़े कर सुधारों' की जरूरत है. विशेषरूप से काले धन और भ्रष्टाचार पर अंकुश की दृष्टि से.

उन्होंने कहा कि आगामी बजट सरकार के लिए सबसे महत्वपूर्ण साबित होगा. सरकार को आयकर की दरों को इस हद तक कम करना होगा, जिससे काले धन का सृजन करने वाले लोगों को हतोत्साहित किया जा सके.

First published: 12 December 2016, 12:02 IST
 
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