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सोनभद्र के पीड़ित परिवारों से मिलने पर अड़ीं प्रियंका, जमानत लेने से किया इनकार, बोली जाऊंगी जेल

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2019, 8:11 IST

सोनभद्र जिले में जमीनी विवाद में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने जा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के काफिले को शुक्रवार को रोक दिया गया. उसके बाद प्रियंका गांधी को हिरासत में ले लिया गया. हिरासत में लेने के बाद प्रियंका गांधी वापस नहीं लौटी बल्कि हत्याकांड में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने पर अड़ी रही. उसके बाद उन्हें मिर्जापुर के चुनार गेस्ट हाउस में रखा गया. जहां रातभर कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ता डटे रहे. प्रियंका गांधी का कहना है कि वह पीड़ित परिवारों से मिले बिना वापस नहीं जाएंगीं. बता दें कि प्रियंका गांधी के खिलाफ शांति भंग की आशंका के तहत मामला दर्ज किया गया है.

प्रियंका गांधी ने अपना काफिला रोके जाने के बाद ट्वीट किया. जिसमें उन्होंने लिखा, “'मैंने न कोई कानून तोड़ा है न कोई अपराध किया है. बल्कि सुबह से मैंने स्पष्ट किया था कि प्रशासन चाहे तो मैं अकेली उनके साथ पीड़ित परिवारों से मिलने आदिवासियों के गांव जाने को तैयार हूं, या प्रशासन जिस तरीके से भी मुझे उनसे मिलाना चाहता है मैं तैयार हूं. लेकिन उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा मुझे पिछले 9 घंटे से गिरफ्तार करके चुनार किले में रखा हुआ है.”

प्रियंका गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा, "प्रशासन कह रहा है कि मुझे 50,000 की जमानत देनी है अन्यथा मुझे 14 दिन के लिए जेल की सज़ा दी जाएगी, मगर वे मुझे सोनभद्र नहीं जाने देंगे ऐसा उन्हें ऊपर से ऑर्डर है.”

प्रियंका गांधी ने अपने एक अन्य ट्वीट में कहा, "मैं नरसंहार का दंश झेल रहे गरीब आदिवासियों से मिलने, उनकी व्यथा-कथा जानने आयी हूं. जनता का सेवक होने के नाते यह मेरा धर्म है और नैतिक अधिकार भी. उनसे मिलने का मेरा निर्णय अडिग है. मगर इसके बावजूद यूपी सरकार ने यह तमाशा किया हुआ है. जनता सब देख रही है.”

प्रियंका गांधी ने कहा कि मैंने कहा था कि अगर सोनभद्र में धारा 144 लगाई जाती है तो उसका उल्लंघन नहीं करूंगी, लेकिन दो लोग वहां जाएंगे. लेकिन प्रशासन ने मुझे यहीं रोक दिया. उन्होंने हिरासत में लिए जाने के बाद कहा कि एक आदिवासी के लिए जमीन ही उसका जीवन होता है, लेकिन आदिवासी से जमीन तो ले ही ली गई 10 लोग भी मारे गए. एक नरसंहार हुआ.

प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं उन पीड़ित लोगों से मिलने के लिए आई हूं. यह कोई अपराध नहीं है. यह एक नेता का फर्ज है कि वह पीड़ित परिवारों से मिले. मैंने कोई अपराध नहीं किया है. बता दें कि शुक्रवार को प्रियंका गांधी का काफिला मिर्जापुर की नरायनपुर चौकी के पास उस वक्त रोक दिया गया था.

जब वह सोनभद्र में जमीनी हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने जा रही थीं. उसके बाद प्रियंका गांधी वहीं पर धरने पर बैठ गईं और सोनभद्र जाने की जिद करने लगी. धारा 144 लागू होने के कारण प्रशासन ने उन्हें हिरासत में ले लिया और चुनार किले के गेस्ट हाउस भेज दिया गया. यहीं पर प्रियंका गांधी ने रात गुजारी.

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First published: 20 July 2019, 8:11 IST
 
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