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सोनिया के साथ शादी में इस बात पर नाराज हो गए थे राजीव गांधी, फिर इस तरह से बनीं गांधी परिवार की बहू

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 December 2018, 12:33 IST

आज कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी अपना 72वां जन्मदिन मना रही हैं और आज का दिन उनके लिए बेहद खास है. सोनिया गांधी इटली की रहने वाली थी और उनका पूरा नाम सोनिया माइनो था जो कि गांधी परिवार की बहू बनने के बाद सरनेम बदलकर गांधी हो गया. देश के युवा प्रधानमंत्री बनने वाले राजीव गांधी की सोनिया गांधी पत्नी हैं. सोनिया और राजीव की मुलाकात कैम्ब्रिज में हुई थी और ये पहली मुलाकात कब प्यार में बदल गई पता ही नहीं चला. इसके बाद जब इंदिरा गांधी नेहरू एक प्रर्दशनी के लिए लंदन गई थीं उसी दौरान राजीव ने सोनिया से उन्हें मिलवा दिया था.

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इसके बाद इंदिरा चाहती थीं कि सोनिया शादी का फैसला लेने से पहले एक बार भारत में रह कर देख लें. सोनिया के पिता नहीं चाहते थे कि उनकी बेटी अलग देश में जाकर घर बसाए. इस सभी परिस्थितियों के बीच सोनिया पहली बार दिसंबर 1967 में भारत आईं और वह सफदरगंज रोड और बच्चन परिवार के विलिंगटन क्रेसेंट हाउस में रहती थीं. उसके कुछ दिनों बाद ही सोनिया और राजीव की सगाई हो गई और शादी की ताऱीख भी तय हो गई.

फिर सोनिया और राजीव की बच्चन परिवार के घर में मेंहदी हुई और प्रधानमंत्री निवास के गार्डन में शादी हुई. ये शादी काफी सादे तरीके से हुई थी और कुछ पत्रकारों के अलावा कुछ ही लोग शादी में आए थे. इस पर राजीव गांधी गुस्सा गए थे लेकिन उनकी मां इंदिरा ने आसानी से मना लिया था. शादी के बाद हैदराबाद हाउस में रिसेप्शन दिया गया था.

31 साल तक इंदिरा गांधी की सहयोगी रहीं उषा भगत ने एक किताब लिखी थीं जिसका नाम 'Indiraji:THrough my eyes' था. इसमें लिखा था कि शादी के बाद राजीव अपने काम पर चले गए थे और सोनिया अकेली हो गई थी. वक्त बिताने के लिए अक्सर उनके दफ्तर आ जाया करती थीं. एक बार कम समय होने की वजह से इंदिरा ने सोनिया के लिए एक खत लिखा और चली गई. इस पर सोनिया खूब रोईं और उषा को कहा कि बात करने की बजाय उन्होंने खत छोड़ा. इस पर उषा ने उन्हें समझाया कि इंदिरा ऐसा करती हैं जब उनके पास समय की कमी होती है तो वो खत का सहारा लेती है संवाद के लिए. इसके बाद सोनिया और इंदिरा में अच्छी बनी और उन्होंने जल्दी ही अपनी सास का भरोसा जीत लिया था.

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First published: 9 December 2018, 12:11 IST
 
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