Home » इंडिया » Sonia Gandhi will visit varanasi
 

सोनिया गांधी के वाराणसी दौरे से कांग्रेसियों में आई नयी जान

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2017, 5:47 IST
(कैच न्यूज)
QUICK PILL
  • सभी धर्मगुरुओं का आशीष ले सोनिया काशी से करेंगी चुनावी शंखनाद
  • कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी काशी के सभी धर्मगुरुओं का आशीर्वाद ग्रहण कर उत्तर प्रदेश का चुनावी शंखनाद करेंगी
.

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी काशी के सभी धर्मगुरुओं का आशीर्वाद ग्रहण कर उत्तर प्रदेश का चुनावी शंखनाद करेंगी. दो अगस्त को दिन के 11 बजे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी बाबतपुर हवाई अड्डा पहुंचेंगी.

हवाई अड्डे से निकलने के बाद तरना से करीब 15-20 कार्यकर्ता दो पहिया वाहन से पाइलेटिंग करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर सर्किट हाउस आएंगे. यहां उनका सभी धर्मगुरुओं द्वारा अभिनंदन किया जाएगा. कांग्रेस नेता डॉ. राजेश मिश्र ने बताया कि इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है.

ये है रूट चार्ट

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष मिश्रा ने बताया कि वाराणसी और पीसीसी से तैयार रोड शो के रूट चार्ट को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की संस्तुति मिल गई है. रोड शो शुरू होगा सर्किट हाउस से जो अंधरापुल, चौकाघाट, पीलीकोठी, गोलगड्डा, विशेश्वरगंज होते हुए मैदागिन, लहुराबीर से इंग्लिशिया लाइन तक जाएगा. इंग्लिशिया लाइन पर कांग्रेस अध्यक्ष पंडित कमलापति त्रिपाठी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करेंगी. यहां हो सकता है कि जनता से कुछ संवाद भी हो. उसके पश्चात वह सर्किट हाउस लौट जाएंगी. गंगा आरती देखने के साथ बाबा विश्वनाथ व संकट मोचन का दर्शन करेंगी

डॉ.मिश्रा ने बताया कि सोनिया गांधी बाबा विश्वनाथ और संकट मोचन मंदिर जाएंगी. दोनों जगह दर्शन-पूजन के बाद वह गंगा आरती भी देखेंगी. गंगा पर संकटमोचन फाउंडेशन के चेयरमैन से वार्ता की बात को प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष ने किया खारिज.

27 साल की बेहाली ने एकजुट किया कांग्रेसियों को

'27 साल- यूपी बेहाल' के नारे के साथ विधानसभा चुनाव में उतरी कांग्रेस में इस दफा कुछ बदलाव सा दिख रहा है. ये बदलाव यूं तो पूरे यूपी में दिख रहा है पर बनारस में इसका असर फिलहाल कुछ ज्यादा नजर आ रहा है. खासतौर से यूपी संगठन में बदलाव के बाद कांग्रेसी एकदम से सक्रिय दिखने लगे हैं. इसे सत्ता पाने की ललक कहें या मैनेजमेंट गुरु प्रशांत किशोर की रणनीति का असर, पर गुटों में बंटे कांग्रेसी एक मंच पर आते दिख रहे हैं.

अगर बनारस की बात करें तो औरंगाबाद, खजुरी और चेतगंज घराने के एक मंच पर आने से कांग्रेसियों में जोश नजर आने लगा है. हालांकि यह एकजुटता कब तक कायम रहेगी कहना मुश्किल है, पर अगर चुनाव तक ये इस तरह का तानाबाना बनाए रखने में कामयाब हो जाते हैं तो इसका असर चुनाव पर जरूर पड़ेगा. एक विश्वास कांग्रेसी वोटरों में जरूर पैदा होगा.

पीसीसी की बैठक में भी नहीं हो पाए थे एकजुट

खुद कांग्रेसियों को याद नहीं कि बनारस कांग्रेस कब एकजुट हो कर किसी मुहिम में जुटी थी. यहां तक कि आजादी के बाद जब पहली बार बनारस में पीसीसी की बैठक हुई तब भी कांग्रेसी गुटों में बंटे थे. नतीजा यह रहा कि पीसीसी की बैठक के तीसरे दिन जब कांग्रेस अध्यक्ष इंदिरा गांधी बेनियाबाग के मैदान में जनसभा को संबोधित करने आईं तो अपेक्षित भीड़ भी नहीं जुट पाई. इसका ठीकरा हर कांग्रेसी एक दूसरे पर फोड़ता रहा.

चाहे 2004 हो या 2007, 2012 या 2014 कभी बनारस के कांग्रेसी आपस में एकजुट नहीं दिखे. आपस में खींचतान जारी रही. इसी का नतीजा रहा कि तमाम विरोधाभासों के चलते आम लोग कांग्रेस पर भरोसा नहीं कर पा रहे थे. इस लिहाज से फिलहाल स्थिति थोड़ी बदली दिख रही है. लोग कहने लगे हैं कि अगर यह सच में तब्दील हो गया और कांग्रेसी इसी एकजुटता का प्रदर्शन करने में सफल रहे तो पार्टी को इसका लाभ जरूर मिलेगा.

पहल अजय राय ने की

कांग्रेस के भीतर इस एकजुटता की पहल विधायक अजय राय ने की. पूर्व सांसद डॉ. राजेश मिश्र के पीसीसी उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद सबसे पहले वह उनसे मिलने और बधाई देने उनके घर पहुंचे. उसके बाद से लगातार विधायक और पूर्व सांसद साथ-साथ दिख रहे हैं.

इस बीच एक घटना जरूर हुई जिससे एकजुटता पर सवालिया निशान खड़ा होने लगा था, वह मौका था पार्टी अध्यक्ष सोनिया के रोड शो के लिए रूट चार्ट बनाने का. तब जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा के नेतृत्व में पहली बैठक इंग्लिशिया लाइन में हुई तो दूसरी बैठक नगर अध्यक्ष सीताराम केसरी की अध्यक्षता में. लेकिन अजय राय दोनों ही बैठक में शरीक हुए.माना जा रहा है कि विधायक अजय राय ने ही पहल करके डॉ.राजेश व राजेशपति को एक मंच पर लाने का प्रयास किया है. अभी तक वह इस मुहिम में सफल रहे हैं. इसका नतीजा बुधवार को मेयर दफ्तर के सामने कांग्रेसियों के प्रदर्शन में भी दिखा. उस प्रदर्शन में हर गुट एकजुट दिखाई दिया.

सोनिया का रोड शो होगा तेजाबी परीक्षण

शुरुआती दौर में एकजुटता दिखाने वाले गुटों की असल परीक्षा दो अगस्त को होनी है. अगर वे सोनिया के रोड शो को सफल बना पाते हैं तो यह बनारस कांग्रेस की बड़ी फतह होगी. इसका संदेश दूर तलक जाएगा. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता जो पूर्व में जिले की कमान भी संभाल चुके हैं का कहना है कि गुटों में बंटे धड़ों को एक करना नामुमकिन नहीं है पर थोड़ा मुश्किल जरूर है. पर अगर कोशिश हो तो यह संभव है. इसके लिए जिलाध्यक्ष को पहल करनी होगी.

2004 में सोनिया ने बनारस से मिर्जापुर तक किया था रोड शो

काशीवासियों को अच्छी तरह से याद है जब 2004 में सोनिया गांधी ने बनारस से रोड शो शुरू कर मिर्जापुर तक गईं थीं. कहने को वह शहरी सीमा से ही गुजरीं पर लेकिन शहरियों के बीच उत्साह जबरदस्त रहा. लेकिन कांग्रेसी उस वक्त भी बंटे ही रहे. उसके बाद से सोनिया 2007 के चुनाव में बेनिया के मैदान में जनसभा करने आईं, उस वक्त भी बिखराव साफ दिखा.

नरेंद्र मोदी के वाराणसी से सांसद चुने जाने और प्रधानमंत्री बनने के 27 महीने बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी वाराणसी आ रही है. यहां रोडशो के जरिए वो जिले की छह विधानसभाओं को मथेंगी. कोशिश यह है कि शहर से लेकर गांव तक इन दो सालों में काशी के विकास का सच सामने लाया जा सके. वो काशी जिससे पीएम ने ढेर सारे वादे किए थे, उन वादों की असलियत को जानेंगी.

बनारस की बात करें तो औरंगाबाद, खजुरी और चेतगंज घराने के एक मंच पर आने से कांग्रेसियों में जोश नजर आने लगा है.

पार्टी अध्यक्ष के समक्ष काशी के वर्तमान सच उजागर करने के लिए कांग्रेसियों ने भी कमर कस ली है. सोनिया के साथ सीएम कंडीडेट शीला दीक्षित, प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर और डॉ. राजेश मिश्र सहित पांचो उपाध्यक्ष भी मौजूद रहेंगे. अनुमान है कि सावन के दूसरे मंगलवार को इन सभी छह विधानसभाओं में अपार भीड़ उमड़ेगी. इसकी शुरूआत होगी बाबतपुर से. 15-20 हजार कार्यकर्ता उनका स्वागत करेंगे. बाबतपुर से शुरू रोड शो का पहला विराम सर्किट हाउस होगा.

प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश मिश्र ने बताया कि कोशिश है कि सोनिया गांधी वाराणसी में सात से आठ घंटे बिताएं. इसके लिए वाराणसी जिला व प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से कार्यक्रम तैयार कर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी को भेज दिया गया है. विधायक अजय राय ने बताया कि पार्टी का यह सुसंगठित एवं सुनियोजित कार्यक्रम होगा. निर्धारित मार्ग के निकट के क्षेत्रों में जनसंपर्क शुरू कर दिया गया है. कांग्रेस मूल संगठन व आनुसांगिक संगठनों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है. इस संबंध में 31 जुलाई को सभी फ्रंटल संगठनों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बैठक भी आयोजित की गई थी.

राजेशपति त्रिपाठी ने बताया कि रोड शो के बाद सोनिया स्थानीय धर्माचार्यों से भी मिलेंगी. उनसे काशी के बारे में जानेंगी. शाम को श्री काशी विश्वनाथ, संकट मोचन का दर्शन पूजन करने के साथ गंगा घाट भी जाएंगी और वहां गंगा पूजन करेंगी साथ ही गंगा आरती देखेंगी.

सोनिया गांधी के रोड शो के मद्देनजर अजय राय ने शुक्रवार को मुस्लिम बहुल इलाकों में जनसंपर्क किया. उन्होंने छित्तनपुरा, पीलीकोठी, गोलगड्डा तो इलाकाई लोगों ने दो सालों में बनारस के विकास के देश दुनिया में प्रचारित झूठ का सामना कराया.

लोगों से राय ने कहा आप बड़ी संख्या में जुटकर कांग्रेस अध्यक्ष को बताएं किस तरह क्योटो जैसे झूठे सपने परोसकर काशीवासियों से विकास के नाम पर मजाक किया गया.

First published: 2 August 2016, 8:22 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी