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अगले महीने तक बन सकते हैं राहुल गांधी कांग्रेस के कर्ताधर्ता

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:50 IST
(कैच न्यूज)

विधानसभा चुनावों में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी में इस महीने कई बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं. साथ ही पार्टी की कमान राहुल गांधी को सौंपी जा सकती है.

सूत्रों के अनुसार अगले कुछ हफ्तों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मांग के बाद राहुल गांधी के सिर पार्टी जल्द ही अध्यक्ष पद का ताज पहना सकती है.

इसके साथ ही पार्टी में बड़े फेरबदल की तैयारी भी हो रही है. इसको लेकर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के बीच कई बैठकों का दौर हो चुका है.

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गौरतलब है कि एक साक्षात्कार के दौरान कांग्रेस के बड़े नेता कैप्टन अमरिंदर ने कहा था कि सोनिया गांधी अब थक चुकी हैं. इसलिए उन्हें पार्टी के अध्यक्ष पद की कुर्सी त्याग देनी चाहिए.

जानकारों की मानें तो इसी महीने कांग्रेस संगठन में बड़ा बदलाव किया जा सकता है. सूत्रों से पता चला है कि राहुल गांधी के अध्यक्ष पद की कमान संभालने से पहले पार्टी में संगठन स्तर पर बड़े बदलाव किये जा सकते हैं और युवा चेहरों को सामने लाया जा सकता है.

राहुल गांधी इन दिनों राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस में फेरबदल की रूपरेखा तैयार करने में लगे हैं. हालांकि राहुल को अध्यक्ष बनाए जाने पर अभी फैसला नहीं हुआ है.

राहुल के हाथों में पार्टी की कमान सौंपने सही समय

कांग्रेस में महासचिव, सचिव और प्रदेश अध्यक्षों के बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी अध्यक्ष बनने के बाद चिंतन शिविर का आयोजन करेंगे.

इस शिविर में कई राज्यों के विधानसभा चुनावों में हुई हार की वजहों पर चर्चा की जाएगी. इसके अलावा आगे के चुनावों के लिए रणनीति भी तय की जाएगी.

इस बीच पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आज कहा कि राहुल गांधी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर उनकी मां से कामकाज संभालने का यह सही समय है. उन्होंने प्रियंका गांधी वाड्रा के सक्रिय राजनीति में प्रवेश की भी वकालत की.

सिंह ने कहा, ‘सोनिया गांधी एक अद्भुत नेता हैं. मैंने यह इसलिए कहा है क्योंकि वह पिछले 20 साल से कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में काम कर रहीं हैं. अगर उन्हें लगता है कि यह जिम्मेदारी नई पीढ़ी को देने का समय आ गया है तो उन्हें देनी चाहिए और हम पूरी तरह राहुल का समर्थन करेंगे.

कांग्रेस को सर्जरी की जरूरत

गौरतलब है कि हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब रहने के बाद दिग्विजय सिंह और सत्यव्रत चतुर्वेदी जैसे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस में नेतृत्व के बदलाव की मांग की थी.

कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपीएन सिंह भी कह चुके हैं कि असम सहित चार राज्यों के विधानसभा चुनाव में हुई हार का पार्टी में मंथन जरूर होगा. पार्टी की सर्जरी भी होगी तो इसके सर्जन सोनिया और राहुल गांधी होंगे.

2014 लोकसभा चुनाव के बाद लगातार हार रही कांग्रेस में नेतृत्व के बदलाव की मांग उठती रही है.

First published: 1 June 2016, 7:22 IST
 
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