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मालेगांव ब्लास्ट: साध्वी प्रज्ञा की जमानत अर्जी खारिज

कैच ब्यूरो | Updated on: 28 June 2016, 16:15 IST

2008 के मालेगांव धमाके में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से क्लीन चिट पा चुकी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को बड़ा झटका लगा है. एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है.

इससे पहले एनआईए ने हाल ही में इस मामले में दाखिल पूरक चार्जशीट में साध्वी प्रज्ञा पर लगे आरोप हटा लिए थे, जिसके बाद माना जा रहा था कि उन्हें जल्द ही अदालत से राहत मिल जाएगी.

'मकोका नहीं हट सकता'

इस मामले में पीड़ित पक्ष के वकील वहाब खान का कहना है, "एनआईए अदालत ने स्वतंत्र रुख अपनाया है. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की अनापत्ति (एनओसी) को कोर्ट ने ठुकरा दिया है."

साथ ही वकील वहाब खान ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, "अदालत ने कहा है कि प्रथम दृष्टया साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ मकोका (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून) को हटाया नहीं जा सकता."

एनआईए की चार्जशीट में क्लीन चिट

2008 में महाराष्ट्र के मालेगांव में हुए धमाके में छह लोगों की मौत हुई थी और 101 लोग घायल हुए थे. प्रज्ञा ठाकुर पर इस मामले में लगी मकोका की धारा हटाई गई थी

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एनआईए ने साध्‍वी प्रज्ञा का नाम आरोपियों की लिस्ट से बाहर कर दिया था. केंद्र सरकार ने तीन साल पहले इस मामले की जांच महाराष्‍ट्र एटीएस से लेकर एनआईए को सौंप दी थी.

प्रज्ञा ठाकुर ने हाल ही में सिंहस्थ कुंभ के दौरान अदालत से स्नान की इजाजत मांगी थी. राज्य सरकार ने पहले सुरक्षा देने में असमर्थता जताई थी. लेकिन बाद में अदालत के आदेश पर साध्वी प्रज्ञा को सुरक्षा के बीच कुंभ स्नान के लिए उज्जैन भेजा गया.

प्रज्ञा समेत छह को क्लीन चिट

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मुंबई की विशेष अदालत में एक पूरक चार्जशीट दायर कर धमाकों की मुख्य आरोपी रही साध्वी प्रज्ञा का नाम हटा दिया था. नई चार्जशीट में साध्वी प्रज्ञा के अलावा पांच अन्य अभियुक्तों के नाम भी नहीं हैं.

एनआईए ने इन सभी अभियुक्तों को मकोका से बरी करने की सिफारिश की थी. धमाकों के लिए एक मोटरसाइकिल इस्तेमाल करने की बात सामने आई थी.

कहा गया था कि यह मोटरसाइकिल साध्वी प्रज्ञा की थी. इस मामले की शुरुआती जांच महाराष्ट्र के आतंकवाद निरोधी दस्ते ने की थी, बाद में जांच का जिम्मा एनआईए को सौंप दिया गया.  

महाराष्ट्र एटीएस की जांच पर सवाल

पूरक चार्जशीट दाखिल करते हुए एनआईए ने अदालत में कहा था कि जांच अधिकारियों के अनुसार, साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ पर्याप्त सबूत न होने की वजह से न सिर्फ़ उनका नाम चार्जशीट से हटा दिया गया, बल्कि उन पर लगा मकोका कानून भी हटा दिया था.

साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के अलावा श्याम भंवरलाल साहू, प्रवीण तक्कल्की, शिव नारायण कलसंगरा, लोकेश शर्मा और धन सिंह चौधरी के खिलाफ भी पुख्ता सबूत नहीं मिलने पर क्लीन चिट दी गई थी.

एनआईए की पूरक चार्जशीट में कहा गया कि महाराष्ट्र एटीएस द्वारा दर्ज किए गए इकबालिया बयानों के आधार पर इन अभियुक्तों के खिलाफ मकोका के तहत मामला दर्ज नहीं हो सकता.

First published: 28 June 2016, 16:15 IST
 
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