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पूर्व पीएम मनमोहन सिंह की SPG सुरक्षा हटाई गई, जानिए क्यों लिया गया ये फैसला

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 August 2019, 16:17 IST

मोदी सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की एसपीजी सुरक्षा हटा दी गई है. द हिन्दू की रिपोर्ट के अनुसार कैबिनेट सचिवालय और गृह मंत्रालय ने अनुसंधान और विश्लेषण विंग और खुफिया ब्यूरो की तीन महीने की समीक्षा से मिले इनपुट के आधार पर यह फैसला लिया है. हालांकि इस बारे में अभी मनमोहन सिंह को लिखित रूप से सूचित नहीं किया गया है, सिर्फ मौखिक रूप से बताया गया है. हालांकि सरकार ने उनकी जेड प्लस कवर को जारी रखा है. जेड प्लस सिक्योरिटी के तहत मनमोहन की सुरक्षा में सीआरपीएफ कमांडो तैनात रहेंगे. 

वर्तमान में एसपीजी सुरक्षा में लगभग 3,000 आईटीबीपी, सीआरपीएफ और सीआईएसएफ केजवान तैनात हैं. रिपोर्ट के अनुसार सरकार ने एसपीजी अधिनियम 1988 द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार, डॉ. सिंह के एसपीजी के विस्तार को एक साल के लिए 2014 में पद से हटाए जाने के बाद नवीनीकृत किया गया है.

हालांकि इस साल 25 मई को सरकार ने एसपीजी कवर को पूरी तरह से नवीनीकृत नहीं करने का फैसला किया और इसके बजाय तीन महीने की समीक्षा प्रक्रिया का आदेश दिया. डॉ. सिंह की एसपीजी इकाई को भी निर्णय के बारे में बताया गया और अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा करने के लिए कहा गया है.

एक सेवानिवृत्त एसपीजी अधिकारी ने कहा कि एसपीजी कवर केवल खतरे के स्तर के आधार पर कम किया जाएगा जैसा कि 1988 के एसपीजी अधिनियम में परिभाषित किया गया था. SPG की स्थापना 1985 में प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद की गई थी और संसद ने 1988 में SPG अधिनियम पारित कर भारत के प्रधानमंत्री की रक्षा के लिए समूह को समर्पित किया था.

उस समय अधिनियम में पूर्व प्रधानमंत्रियों को शामिल नहीं किया गया था. जब वी.पी. सिंह 1989 में सत्ता में आए और उनकी सरकार ने निवर्तमान पीएम राजीव गांधी को एसपीजी सुरक्षा वापस ले ली.

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First published: 26 August 2019, 11:10 IST
 
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