Home » इंडिया » Spiritual leader Bhayyuji Maharaj shoots himself, actress accused on charges of illusion
 

भय्यूजी महाराज पर लग चुका है मोहजाल में फंसाने का आरोप, PM मोदी भी ले चुके हैं आशीर्वाद

कैच ब्यूरो | Updated on: 12 June 2018, 16:06 IST

आध्यात्मिक गुरु और सामाजिक कार्यकर्ता भय्यूजी महाराज ने खुद को गोली मार ली. उन्हें घायल अवस्था में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गई. पिछले साल भय्यूजी महाराज तब ज्यादा सुर्खियों में आए थे जब उन्होंने पहली पत्नी की मौत के बाद दूसरी शादी की थी.

इससे पहले भी भय्यूजी महाराज सुर्खियों में रह चुके हैं. पिछले साल खुद को मॉडल और एक्ट्रेस बताने वाली मल्लिका राजपूत ने उन पर ‘मोहजाल’ में बांधकर रखने का आरोप लगाया था. मल्लिका ने कहा था कि भय्यूजी महाराज उन्हें दूसरे नंबरों से छुप छुपकर फोन लगाते हैं और परेशान करते हैं. मल्लिका ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर खुद को एक्‍ट्रेस बताया था.

मल्लिका राजपूत ने फेसबुक पर लिखे अपने मैसेज में कहा था, "भय्यूजी महाराज धोखेबाज, चालबाज और झूठ का पुलिंदा हैं. मैंने पूरी मेहनत से इन पर एक किताब लिखी है जो दो-ढाई साल से इनके पास है. इन्होंने मुझे मोहजाल में फंसाकर रखा और अब अलग-अलग नंबर से फोन करते हैं. मेरी किताब वापस नहीं करने के लिए इन्हें कोर्ट का नोटिस भेजूंगी. भय्यू महाराज के लिखे पत्र मेरे पास हैं."

इस पर भय्यूजी महाराज के पीए तुषार का कहना था कि वो आश्रम में आती थी लेकिन आश्रम ने कभी उन्हें किताब लिखने की अनुमति नहीं दी थी. उन्होंने काल्पनिक किताब लिखी है इसलिए उसका विमोचन नहीं करवाया गया. मल्लिका के साथ महाराज के फोटोज पर उन्होंने कहा था कि इनमें से कुछ फोटो आश्रम के है लेकिन कुछ फोटोज के साथ छेड़छाड़ की गई है.

बता दें कि पिछले साल 30 अप्रैल को डॉ. आयुषी से भय्यू महाराज की शादी हुई थी. यह उनकी दूसरी शादी थी. उनकी पहली पत्नी माधवी का 2015 में निधन हो गया था. आयुषी शर्मा से भय्यू महाराज का परिचय बहुत पुराना नहीं था. उनका परिवार मूलत: शिवपुरी का है और उन्होंने पीएचडी की थी. कुछ समय पहले पारिवारिक सदस्य के माध्यम से ही वह भय्यूजी महाराज से जुड़ी थीं. भय्यूजी महाराज की माताजी और बहनों के आग्रह पर दोनों ने विवाह का निर्णय लिया था.

कौन हैं भय्यूजी महाराज?

भय्यूजी महाराज का वास्तविक नाम उदयसिंह देखमुख था. उनका जन्म शुजालपुर के एक किसान परिवार में हुआ था. उनका मुख्य आश्रम इंदौर स्थित बापट चौराहे पर है. सदगुरु दत्त धार्मिक ट्रस्ट उनके सानिध्य में संचालित होता है. पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देखमुख, शरद पवार, लता मंगेशकर, उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी उनके आश्रम आ चुके हैं.

भय्यूजी महाराज तब चर्चा में आए थे जब साल 2011 में अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा था. बाद में अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था. वहीं पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे. तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यूजी महाराज को आमंत्रित किया था. कहा तो यह भी जाता था कि वे पीएम नरेन्द्र मोदी के लिए ‘नेटवर्किंग’ करते थे.

भय्यूजी महाराज मर्सीडीज़ में घूमते थे, रोलेक्स पहनते थे, आलीशान भवन में रहते थे, ‘सादगीपूर्ण भव्य’ आश्रम से गतिविधियां चलाते थे. 

First published: 12 June 2018, 16:02 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी