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वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल: श्री रविशंकर ने दोबारा कहा-जुर्माना नहीं दूंगा

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

यमुना तट पर वर्ल्ड कल्चरल फेस्टिवल आयोजित करने को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की ओर से लगाए गए पांच करोड़ रुपए के जुर्माने के आदेश को धता बताते हुए ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के संस्थापक श्री रविशंकर ने शनिवार को एक बार फिर कहा कि वह किसी जुर्माने का भुगतान नहीं करेंगे.

हालांकि, रविशंकर ने कहा कि वह महोत्सव के आयोजन स्थल के ‘विकास एवं जीर्णोद्धार’ का पूरे दिल से समर्थन करते हैं. दूसरे दिन महोत्सव में लोगों को संबोधित करते हुए रविशंकर ने कहा कि एनजीटी ने ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ को जिस रकम का भुगतान करने को कहा है, वह पुनरोद्धार के लिए है, न कि जुर्माना है.

रविशंकर ने कहा, 'मैंने हमेशा से बेदाग जीवन बिताया है. मैं कभी स्कूल भी देर से नहीं गया. मैंने कभी जुर्माना नहीं चुकाया है, एक पैसा भी नहीं. लिहाजा, हमने कहा कि हम कोई जुर्माना नहीं चुकाएंगे. लेकिन मुझे बताया गया है कि यह जुर्माना या दंड नहीं है. अखबारों में गलत खबर दी गई है.'

आपको बता दें कि एनजीटी ने बुधवार को ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ फाउंडेशन को महोत्सव के आयोजन की अनुमति दी थी, लेकिन उसे पारिस्थितिकीय नुकसान की वजह से पर्यावरण मुआवजे के तौर पर पांच करोड़ रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया था.

इसके बाद एनजीटी ने शुक्रवार को ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ को राहत देते हुए कहा कि वह तत्काल 25 लाख रुपए का भुगतान करे और शेष राशि तीन हफ्ते के भीतर जमा करे.

First published: 13 March 2016, 1:21 IST
 
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