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बनारस लाइव: जय गुरुदेव समागम के दौरान भगदड़, 14 महिलाओं समेत 19 की मौत

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 October 2016, 15:23 IST

चारों तरफ खून से सने जूते ,चप्पल ,अनाज, खाने-पीने के बर्तन, घायलों की चीखें और उन सबके बीच गुजरता जय गुरुदेव के लाखों समर्थकों का काफिला, जो शाकाहार के समर्थन में बनारस से तक़रीबन 12 किलोमीटर दूर कटेसर नामक स्थान पर इकठ्ठा हुए थे . शनिवार को बनारस के सुप्रसिद्ध राजघाट पुल पर दोपहर 1 बजे मची भगदड़ के बाद यही नजारा था. हादसे में अब तक 19 मरे हैं, वहीं सैकड़ों घायल हुए हैं. मरने वालों में 14 महिलाएं और पांच पुरुष हैं. 

चश्मदीदों के बयान और मौके पर मौजूद चीजों को देखकर सहज अनुमान लगाया जा सकता है कि घटना में मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है. बाबा जय गुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज महाराज ने शनिवार को बनारस के समीप रामनगर के कटेसर में शाकाहार के समर्थन में संत समागम का आयोजन किया था. जिसमे शामिल होने देश के कोने-कोने से लगभग तीन लाख भक्त पहुंचे थे. 

आयोजक मंडल ने भक्तों को बनारस शहर में सुबह 7 बजे जाकर शाकाहार के समर्थन में प्रचार करके वापस समागम में लौटने का आदेश दिया था. लेकिन 11 बजते बजते स्थिति उस वक्त खराब होने लगी जब शहर में आने जाने वाले भक्तों की भीड़ अंग्रेजों के जमाने के बने उस जर्जर पुल पर आमने सामने इकठ्ठा होने लगी. हैरत इस बात की है कि प्रशासन ने भी बनारस शहर में जाम की आशंका से पुल से वाहनों के आने जाने पर कोई प्रतिबन्ध नहीं लगाया था.

1 बजे दोपहर में जब एक ट्रेन पुल के नीचे बनी रेल की पटरियों से गुजरी, तब पुल में जोरों का कम्पन होने लगा. इससे वहां मौजूद भीड़ घबरा गई और लोग इधर-उधर दौड़ने लगे. उस वक्त पुल पर एक जगह जहाँ ढेर सारे लोग बैठे थे, सारी भीड़ उन्हीं पर जा गिरी. आयोजक मंडल के दिनेश कुमार सिंह ने पत्रिका को बताया कि हमने प्रशासन को इतनी भीड़ इकठ्ठा होने की सूचना दी थी, लेकिन जिला प्रशासन ने ऐसी किसी जानकारी से इनकार कर दिया. 

चश्मदीद

चश्मदीदों का कहना था कि हादसा होने पर चारों तरफ चीख-पुकार मची हुई थी. घायल पानी मांग रहे थे लेकिन उन्हें पानी भी नसीब नहीं हुआ. समागम में आये भक्तों ने बताया कि न सिर्फ हादसे वाले जगह पर बल्कि कहीं भी पानी का कोई इंतजाम नहीं था. 

हादसे के लगभग 45 मिनट बाद बनारस पुलिस मौके पर पहुंची, तब जाकर घायलों को अस्पताल ले जाया जा सका. इस दौरान बनारस शहर के आस-पास लगभग 40 वर्ग किमी क्षेत्र में भयंकर जाम लग गया. प्रशासन ने घटना के बाद से बनारस से गुजरने वाली जी टी रोड पर ट्रैफिक प्रतिबंधित कर दिया गया था.

जिलाधिकारी विजय किरण आनंद जो कि मौके पर ही मौजूद थे, ने पत्रिका को बताया कि हम घायलों के इलाज मुहैया करवाया जा रहा है.

इंतजाम में कमियों की होगी जांच

उत्तर प्रदेश के आईजी लॉ एंड ऑर्डर हरिराम शर्मा का कहना है, "19 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 15 महिलाएं और चार पुरुष शामिल हैं. दो घायल महिलाओं का अस्पताल में इलाज चल रहा है."

हादसे की जांच की बात कहते हुए आईजी कानून-व्यवस्था ने कहा, "इस बात की जांच की जाएगी कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है, भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए क्या इंतजाम किए गए और क्या कमियां रह गईं."

पीएम मोदी ने जताया गहरा शोक

इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में हुए हादसे पर गहरा दुख जताया है. पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा, "वाराणसी में भगदड़ के दौरान लोगों की मौत पर मुझे गहरा अफसोस है. शोक संतप्त परिवारों को मेरी संवेदनाएं. जो घायल हैं उनके लिए प्रार्थना कर रहा हूं."

पीएम मोदी ने ट्वीट में आगे लिखा, "मैंने वाराणसी में अधिकारियों से बात की है. मैंने उनसे कहा है कि जो भी लोग भगदड़ की वजह से प्रभावित हुए हैं, उनकी हर मुमकिन मदद सुनिश्चित की जाए."

घायलों को वाराणसी के कबीरचौरा और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है. (एएनआई)

मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख मुआवजा

मृतकों के परिजनों को उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार ने मुआवजे का एलान किया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों के परिवार वालों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है.

First published: 15 October 2016, 15:23 IST
 
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