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मोदी के स्टैंड अप इंडिया में 2.5 लाख एससी, एसटी उद्यमी तैयार होंगे

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 March 2016, 19:27 IST

मोदी सरकार में केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री कलराज मिश्र ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र की स्टैंड अप इंडिया पहल के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के 2.5 लाख उद्यमी तैयार किए जाएंगे.

कलराज मिश्र ने यह बात दलित इंडियन चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (डीआईसीसीआई) के द्वारा आयोजित पांचवें राष्ट्रीय उद्योग एवं व्यापार मेले के उद्घाटन अवसर पर कही.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कलराज मिश्रा ने कहा कि स्टैंड अप इंडिया पहल के तहत 1.25 लाख बैंक शाखाओं से प्रत्येक को एक अनुसूचित जाति, जनजाति और एक महिला उद्यमी को वित्तपोषण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि देश में 2.5 लाख नये उद्यमी खड़े किए जा सकें.

मिश्रा ने कहा कि नवोन्मेष आधारित नई कंपनियों (स्टार्टअप) को मदद के लिए एक विशेष ढांचा होगा जिसमें सरकार से वित्तपोषण शामिल है. सरकार नया उद्यम स्थापित करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के उद्देश्य से स्टार्टअप के लिए एक ब्लूप्रिंट की घोषणा जल्दी ही करेगी.

उन्होंने बताया कि सरकार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन (पीएमईजीपी) जैसे कई कार्यक्रम संचालित कर रही है. पीएमईजीपी में एससी, एसटी लाभान्वितों को छूट दी जाती है. डीआईसीसीआई देश में दलित उद्यमों को प्रोत्साहित कर रहा है ताकि यह समुदाय देश की अर्थव्यवस्था में योगदान करने वाला बने और ‘रोजगार चाहने वालों की बजाय रोजगार देने वाला बने.’

इस मौके पर भारी उद्योग मंत्री अनंत गीते ने कहा कि दलित उद्यमियों के लिए उम्मीदों की राह खुली है. इससे पहले मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने व्यापार मेले का उद्घाटन किया और अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के उद्यमियों को सक्षम बनाने की जरूरत जताई.

First published: 26 March 2016, 19:27 IST
 
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