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'स्टैच्यु ऑफ यूनिटी' बनाने में खर्च हुए 3000 करोड़, कर्मचारियों को 4 महीने से नहीं मिला वेतन

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 March 2019, 18:26 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल सरदार बल्लभ भाई पटेल के जन्मदिन वाले दिन यानि 31 अक्टूबर 2018 को दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यु ऑफ यूनिटी का अनावरण किया था. इस प्रतिमा को बनाने में 3000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. वहीं इस प्रतिमा के अनावरण के चार महीने बाद कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया गया है.

दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा की सेवा में जुटे कर्मचारियों को तकरीबन चार महीने से वेतन नहीं मिलने के विरोध में अब वे हड़ताल पर चले गए हैं. द टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ये सारी कर्मचारी दिहाड़ी न दिए जाने के लिए पीएम मोदी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं.

इन सैकड़ों कर्मचारियों ने अपने औजार साइट पर ही छोड़ दिए, इसके बाद उन्होंने प्रतिमा के इर्द-गिर्द ह्यूमन चेन बनाई. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को तकरीबन 3,000 हजार कर्मचारियों ने मिलकर बनाया है. इनमें लारसेन एंड टर्बो के 300 इंजीनियर शामिल हैं.

सरदार पटेल की ये मूर्ती 182 मीटर ऊंची है. जो कि पूरे विश्व की अभी तक की सबसे ऊंची प्रतिमा है. इस प्रतिमा के अनावरण के समय पीएम मोदी ने देश के नाम एक सन्देश ट्वीट किया था, "नर्मदा के तट पर स्थित यह प्रतिमा महान सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि है."

इस प्रतिमा के बनने की नींव 5 साल पहले रखी गई थी. करीब 3 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी इस स्मारक की आधारशिला 31 अक्टूबर, 2013 को पटेल की 138वीं वर्षगांठ के मौके पर रखी गई थी. उस समय पीएम नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे. इस भव्य प्रतिमा के लिए बीजेपी ने पूरे देश में लोहा इकट्ठा करने का अभियान भी चलाया था.

ये विशालकाय प्रतिमा लाखों टन लोहा और तांबा मिलाकर बनाई गई है. प्रतिमा के लिए एक ट्रस्ट भी बनाया गया "सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय एकता ट्रस्ट". स्टैच्यु ऑफ यूनिटी को राम वनजी सुतार ने डिजाइन किया है. इस काम में उनके बेटे अनिल राम सुतार ने भी योगदान दिया है. सुतार ने 50 से ज्यादा विशाल स्मारकीय मूर्तियां बनाई हैं. भारत के लिए वह सात दशकों में 8000 से ज्यादा मूर्तियों को आकार दे चुके हैं.

आपको अगर स्टैच्यु ऑफ यूनिटी का दीदार करना है तो आपको इसके लिए काफी पैसे खर्च करने पड़ते हैं. एक तरफ दुनिया के सांतवे अजूबे यानी ताजमहल के लिए आम लोगों को 50 रुपये देने पड़ते हैं तो वहीं सरदार पटेल को देखने के लिए 7 गुना ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं. स्टैच्यू ऑफ यूनिटी को देखने के लिए आम लोगों को 350 रुपये खर्च करने पड़ते हैं.

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First published: 16 March 2019, 18:10 IST
 
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