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'ये चार अफसर PM मोदी को हरा सकते हैं 2019 का लोकसभा चुनाव'

कैच ब्यूरो | Updated on: 26 October 2018, 17:03 IST

सीबीआई के छुट्टी पर भेजे गए सीबीआई डायरेक्टर अलोक वर्मा की टेबल पर कई ऐसे मामले थे जिन्हे वह गंभीरता से ले रहे थे. इनमे एक मामला सरकार के वित्त और राजस्व सचिव हंसमुख अधिया का भी था. अधिया के खिलाफ सीबीआई में भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने शिकायत की है.

हाल ही में स्वामी ने एक बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय और उनकी टीम के चार अधिकारी इस तरीके से काम कर रहे हैं जो उन्हें शर्मिंदा कर सकता है. स्वामी ने गुजरात कैडर के आईएएस हंसमुख आखिया, आईपीएस राकेश अस्थाना, पीके मिश्रा और भास्कर खुल्बे का नाम लिया.

स्वामी का आरोप है कि इन चारों अफसरों ने पूर्व यूपीए सरकार के मंत्री पी चिदंबरम को बचाने में मदद की है. स्वामी ने कहा चिदंबरम सबसे बड़ा भ्रष्ट व्यक्ति है और ये चार अधिकारी उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे थे. स्वामी ने कहा यदि भारत वर्मा जैसे ईमानदार अधिकारियों को हटा दिया जाए तो भारत भ्रष्टाचार से लड़ नहीं सकता है.

 

शुक्रवार यानी 27 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) के चीफ करनाल सिंह (Karnal Singh) ढाई साल बाद सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. लेकिन उनके रिटायमेंट के बाद लगातार यह सवाल उठाया जा रहा है कि क्या सरकार उन्हें एक बार फिर से एक्सटेंशन देगी या नहीं. सूत्रों की माने तो इस बार सरकार उन्हें एक्सटेंशन देने के मूड में नहीं है.

कौन हैं अफसर संजय

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सरकार नए ईडी चीफ के रूप में 1984 बैच के आईआरएस अफसर संजय मिश्रा को ईडी का अगला चीफ बना सकती है. मिश्रा फ़िलहाल दिल्ली में आयकर के मुख्य आयुक्त हैं और एनडीटीवी के खिलाफ जांच और गांधी परिवार से जुड़े नेशनल हेराल्ड जैसे मामलों को देख रहे हैं. इससे पहले मिश्रा ने अहमदाबाद में भी सेवा दी है और गृह मंत्रालय और प्रवर्तन निदेशालय में कार्य किया है.

पहले अनुमान लगाया गया था कि करनाल सिंह का कार्यकाल फिर से बढ़ाया जा सकता है. करनाल सिंह सरकार ने तीन बार एक्सटेंशन दे चुकी है. इस बार करनाल सिंह को एक्सटेंशन न देने का सबसे बड़ा कारन यह माना जा रहा ही क्योंकि वह ईडी संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह के करीब माना माने जाते है. इससे पहले सरकार राजेश्वर सिंह के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में आर एंड एडब्ल्यू नोट दिया था.

जिनके खिलाफ कई गंभीर आरोप लगे थे. इस मामले में करनाल सिंह ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपने सहयोगी का बचाव किया था और आरोपों को खारिज कर दिया. इससे पहले ईडी के संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह ने मोदी के करीबी मने जाने वाले हंसमुख अधिया पर कई सवाल उठाये थे. राजस्व सचिव को लिखे अपने पत्र में संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह ने अधिया पर उनकी प्रोन्नति की अनदेखी का आरोप लगाया था. ईडी के निदेशक करनाल सिंह ने 11 जून 2018 को लिखे गए इस पत्र को राजस्व सचिव को आगे बढ़ाया था.

First published: 26 October 2018, 17:03 IST
 
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