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केवल सात दिन चुप रहेंगे सुब्रमण्यम स्वामी

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 July 2016, 7:17 IST
(फाइल फोटो)

बीजेपी सांसद सुब्रमण्म स्वामी लगातार अपनी ही पार्टी के लिए मुसीबत का सबब बने हुए हैं. उनके ट्वीट सरकार की परेशानियों में इजाफा करते रहे हैं. स्वामी ने हालांकि कहा है कि अब वह एक हफ्ते तक कम ट्वीट करेंगे, लेकिन संकेत साफ हैं कि उनकी जंग अभी खत्म होने वाली नहीं है.

स्वामी ने शुक्रवार को ट्वीट करते हुए इशारा किया कि उनके दिमाग में कई और चीजें चल रही हैं, जिस पर वह फिलहाल अपना ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं. 

स्वामी ने ट्वीट किया, "अब मुझे राम मंदिर, राष्ट्रीय राजमार्ग, एयरसेल मैक्सिस, चेन्नई सुपरकिंग्स पर बैन आदि मुद्दों ज्यादा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है. लिहाजा अगले एक हफ्ते के लिए कम ट्वीट करूंगा."

स्वामी भले ही यह कह रहे हों कि उनके ट्वीट कम हो जाएंगे, लेकिन आज सुबह उन्होंने एक बार फिर जीडीपी की गणना को लेकर फॉर्मूले की बात करते हुए एक बार फिर सरकार पर सवाल उठा दिए.

स्वामी ने ट्विटर पर लिखा, "अगर मैं इंडेक्स नंबर के सैमुअल्सन-स्वामी थ्योरी को भारतीय जीडीपी की गणना या आरबीआई इंटरेस्ट रेट पर लागू करूं, तो मीडिया चिल्लाने लगेगी कि यह पार्टी विरोधी गतिविधि है."

जाहिर है स्वामी अपनी ही सरकार की वित्तीय नीतियों को इशारों ही इशारों में गलत बता रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताकीद के बावजूद चुप्पी नहीं धर रहे हैं.

इससे पहले 29 जून को भी स्वामी ने अजीबोगरीब ट्वीट किया था. उनके इस ट्वीट को भी इशारों-इशारों में अरुण जेटली पर हमला माना गया. 

स्वामी ने अपरोक्ष रूप से जेटली पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया. "दोस्तों ने मुझे बताया कि अर्णब गोस्वामी आजकल अपने शो के दौरान मुर्गा-मुर्गा चिल्लाते रहते हैं. लगता है कि उन्हें किसी चुनाव के नाकाबिल पागल कुत्ते ने काटा है."

स्वामी ने 29 जून को एक ट्वीट में कहा कि वह कभी भी प्रचार के पीछे नहीं भागते है, बल्कि प्रचार उनके पीछे-पीछे भागता है. स्वामी ने इस संदर्भ में अपने दरवाजे के बाहर खड़े मीडिया के ओबी वैन का भी हवाला दिया.

स्वामी ने ट्वीट करते हुए कहा, "नयी समस्या : जब प्रचार लगातार एक राजनीतिज्ञ के पीछे भागता है. जब 30 ओबी आपके घर के बाहर खड़े हैं. चैनलों और समाचार पत्रों की ओर से 200 मिस कॉल्स आते हैं, तो यह प्रचार ही तो है." 

स्वामी ने जेटली के सोच समझकर बोलने वाली सलाह पर परोक्ष रूप से धमकी देते हुए कहा है, "अगर वह अपनी पर उतर आए, तो खून-खराबा हो जाएगा."

स्वामी ने इस मामले में शुक्रवार को ट्वीट किया, "मुझे बिना मांगे अनुशासन में रहने की सलाह देने वालों को यह अंदाजा नहीं है कि अगर मैंने अनुशासन तोड़ा तो खून-खराबा हो जाएगा."

बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने वादा किया कि अब वह कम ट्वीट करेंगे. हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी ने एक इंटरव्यू के दौरान अपरोक्ष रूप से स्वामी को नसीहत दी थी कि प्रचार की भूख ठीक नहीं है. 

स्वामी के ट्वीट लगातार बीजेपी के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे थे. पहले उन्होंने आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन को निशाने पर लिया था. इसके बाद मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम और आर्थिक सचिव शक्तिकांत दास उनके निशाने पर थे.

इस बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली पर उनका अपरोक्ष होता रहा. पहले उन्होंने इशारों में काला धन और इनकम टैक्स को लेकर जेटली पर हमला बोला. इसके बाद टाई और कोट वाले ट्वीट के जरिए जेटली पर निशाना साधा.

First published: 2 July 2016, 7:17 IST
 
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