Home » इंडिया » subramanyam swami: if i have finance minister, i bach all the texex
 

रघुराम राजन के बाद अब जेटली से स्वामी की जंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:49 IST
(कैच )

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने आरबीआई के गवर्नर रघुराम राजन पर जुबानी हमला करने के बाद अब सीधे तौर पर वित्त मंत्री अरुण जेटली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.

राज्यसभा सांसद स्वामी ने गुरुवार को वित्‍त मंत्री अरुण जेटली पर हमला करते हुए कहा कि वे भारत में काला धन वापस लाना ही नहीं चाहते है.

'काला धन नहीं लाना चाहते'

स्‍वामी ने मुंबई में एक कार्यक्रम में कहा, "वित्त मंत्री अरुण जेटली चूंकि खुद वकील हैं, तो वह उन लोगों के अधिकारों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने काला धन विदेशों में जमा किया हुआ है. इसलिए उन्होंने इस तरीके का इस्तेमाल नहीं किया." 

इसके साथ ही उन्होंने कालेधन को लाने के लिए कर पनाहगाहों में जमा कोष के राष्ट्रीयकरण करने का भी सुझाव दिया. स्वामी ने कहा कि राष्ट्रीय बचत दर घटकर 33 फीसदी पर आ गई है, जिसे बढ़ाकर कम से कम 40 फीसदी करने की आवश्यकता है.

'इनकम टैक्स तीन साल में खत्म कर देता'

स्वामी ने जेटली को घेरते हुए कहा, "अगर मुझे सरकार में जगह मिलेगी, तो यह काम एक हफ्ते में कर दूंगा. यदि मैं सरकार में आया, तो मैं इनकम टैक्स तीन साल के भीतर समाप्त कर दूंगा. आज लोगों को अधिक बचत के लिए आयकर को पूरी तरह से समाप्त करके बढ़ावा दिया जा सकता है."

सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा, "बचत दर बढ़ेगी, तभी वृद्धि के लिए संसाधन मिल सकेंगे और आयकर समाप्त होने से जो 2,000 अरब रुपये जाएंगे, उसकी काफी हद तक भरपाई हो जाएगी."

10 फीसदी विकास दर की जरूरत

उन्होंने कहा कि गरीबी और बेरोजगारी समाप्त करने के लिए देश को कम से कम एक दशक तक 10 फीसदी की वृद्धि दर हासिल करने की आवश्यकता है. स्वामी ने इस बात का दावा किया कि 1,20,000 अरब रुपये या कर संग्रहण का 60 गुना कर पनाहगाहों में जमा है. जिसे वापस लाने की जरूरत है.

स्वामी ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ अपनी बातचीत का उल्लेख किया. स्वामी ने कहा कि पीएम काला धन वापस लाने के लिए संयुक्त राष्ट्र में मंजूर तरीका यानी ऐसे कोष का राष्ट्रीयकरण किए जाने के तरीके को प्राथमिकता दिए जाने के पक्ष में हैं.

First published: 17 June 2016, 5:22 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी