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सुकमा हमले का मास्टरमाइंड है PLGA कमांडर हिडमा!

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 April 2017, 15:19 IST
(फाइल फोटो)

सुकमा हमले के मास्टरमाइंड के तौर पर माओवादी कमांडर मडवी हिडमा का नाम सामने आ रहा है. बताया जा रहा है कि
माओवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन ऑफ गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) के इशारे पर हुए इस हमले की साजिश के पीछे पहली बटालियन का कमांडर मडवी हिडमा है.

बताया जाता है कि हिडमा सुकमा के ही जंगरगुंडा इलाके के पालोडी गांव का रहने वाला है और उसे गुरिल्ला युद्ध में महारथ हासिल है. इससे पहले मार्च में सीआरपीएफ पर हुए हमले में भी उसी का नाम सामने आया था.  

हिडमा पर 25 लाख का इनाम

सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक मडवी हिडमा उर्फ हिडमन्ना की उम्र 25 साल है. वह माओवादियों की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का सदस्य होने के साथ ही पीएलजीए की बटालियन नंबर एक का कमांडर है. दक्षिणी बस्तर के सुकमा-बीजापुर जोन में यह बटालियन सक्रिय है.

इलाके के लोग उसे हिडमालु और संतोष के नाम से भी जानते हैं. बस्तर के इस इलाके का वो मोस्ट वॉन्टेड माओवादी है. यही नहीं हिडमा पर 25 लाख रुपये का इनाम भी घोषित है.

एएनआई

कई बड़े माओवादी हमलों में वांटेड

गुरिल्ला लड़ाई में उसे महारथ की वजह से उसे पीपल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की बटालियन-1 का कमांडर बनाया गया है. इसके तहत माओवादियों की तीन यूनिट्स काम करती हैं.

2010 में चिंतलनार में हुए हमले के पीछे भी हिडमा का हाथ माना जाता है. इसमें 76 सीआरपीएफ जवान मारे गए थे. 2012 में आईएएस अफसर और सुकमा के कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन को अगवा करने में हिडमा कथित तौर पर शामिल था.

मई 2013 में दंतेवाड़ा की जीरम घाटी में कांग्रेस नेताओं के काफिले पर हमले में भी उसका नाम आया. इस हमले में सलवा जुडूम के संस्थापक महेंद्र कर्मा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और पूर्व केंद्रीय मंत्री नंद कुमार पटेल समेत 30 लोगों की मौत हो गई थी.

फिलहाल हिडमा बुर्कापाल और चिंतागुफा इलाके में सक्रिय बताया जाता है. हालांकि अंडरग्राउंड होने की वजह से उसकी सही लोकेशन का पता नहीं है. सुकमा का यह इलाका ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सीमा के पास है. इससे पहले जनवरी 2017 में ख़बर आई कि हिडमा सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ के दौरान बीजापुर में मारा गया, लेकिन बाद में ये ख़बर झूठी साबित हुई.

First published: 25 April 2017, 15:19 IST
 
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