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दंतेवाड़ा से अब तक 7 साल में 5 बड़े माओवादी हमले

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 April 2017, 13:49 IST
(फाइल फोटो)

अप्रैल का महीना एक बार फिर छत्तीसगढ़ में माओवादी हमलों के सिलसिले का ख़ौफ़नाक मंजर लेकर आया. 74वीं CRPF बटालियन को निशाना बनाकर हुए इस माओवादी हमले में 25 सीआरपीएफ जवानों को जान गंवानी पड़ी. इससे पहले अप्रैल 2010 में दंतेवाड़ा में हुए माओवादी हमले से पूरा देश स्तब्ध रह गया था. एक नज़र दंतेवाड़ा में अप्रैल 2010 से लेकर अब तक हुए पांच बड़े माओवादी हमलों पर:

फाइल फोटो

दंतेवाड़ा- 6 अप्रैल, 2010

ये ऐसा हमला था जिससे पूरा देश हिल गया था. दंतेवाड़ा के ताड़मेटला में माओवादियों ने अब तक के सबसे बड़े हमले को अंजाम दिया था. हमले में सीआरपीएफ की 62वीं बटालियन और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों को निशाना बनाया गया. इस हमले में 76 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे.

दंतेवाड़ा- 17 मई 2010

इस खौफनाक माओवादी हमले को एक महीना बीता था कि बस्तर में माओवादियों के गढ़ दंतेवाड़ा में एक और हमला हो गया. दंतेवाड़ा से सुकमा जा रहे सुरक्षाबलों के जवानों पर माओवादियों ने आईईडी के जरिए बारूदी सुरंग लगाकर हमला किया. इसमें 36 सुरक्षाकर्मी शहीद हुए, जिसमें ज्यादातर सीआरपीएफ के जवान थे. 12 आदिवासी एसपीओ (विशेष पुलिस अधिकारी) भी इसमें शामिल थे.

एजेंसी

दंतेवाड़ा- 25, मई 2013

तीन साल बाद एक बार फिर माओवादियों ने दंतेवाड़ा में हमला करते हुए सुरक्षाबलों के साथ ही नेताओं को निशाना बनाया. दरभा घाटी में माओवादियों के इस बड़े हमले में सलवा जुडूम के संस्थापक और आदिवासी नेता महेंद्र कर्मा के साथ ही कांग्रेस के तत्कालीन छत्तीसगढ़ अध्यक्ष नंद कुमार पटेल और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल समेत 30 लोगों की मौत हुई थी.

सुकमा- 11 मार्च 2017

सुकमा ज़िले में माओवादियों के साथ एनकाउंटर के दौरान सीआरपीएफ के 11 जवान शहीद हो गए. माओवादियों ने ये सड़क बनाने के लिए रास्ता देने वाली रोड ओपनिंग पार्टी पर किया था. सीआरपीएफ की 219वीं बटालियन के जवान रोड खुलवाने के लिए भेज्जी थाना इलाके में निकले थे. कोत्ताचेरु इलाके में घात लगाकर बैठे माओवादियों ने बड़े हमले को अंज़ाम दिया. 

24 अप्रैल 2017 को सुकमा में हुए माओवादी हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गए. (एएनआई)

सुकमा- 24 अप्रैल 2017

सुकमा जिले के बुर्कापाल-चिंतागुफा इलाके में सीआरपीएफ की रोड ओपनिंग पार्टी पर तकरीबन 300 माओवादियों ने हमला किया. यहां सड़क निर्माण का काम चल रहा था. सीआरपीएफ की 74वीं बटालियन के 25 जवान इस हमले में शहीद हो गए. पहले ख़बर आई कि कंपनी कमांडर समेत सात जवान लापता हो गए हैं, लेकिन शाम को ये जवान अपने कैंप में लौट आए. पीएम नरेंद्र मोदी ने हमले को कायरतापूर्ण बताते हुए कहा कि जवानों का बलिदान बेकार नहीं जाएगा.  

एजेंसी
First published: 25 April 2017, 12:05 IST
 
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