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सुजवान आतंकी हमला: 28 घंटे बाद भी सेना का ऑपरेशन जारी, दो जवान शहीद

कैच ब्यूरो | Updated on: 11 February 2018, 8:59 IST

जम्मू- कश्मीर में आर्मी के सुंजवां कैंप पर आतंकी हमले को 26 घंटे से ज्यादा हो गए लेकिन अभी तक ऑपरेशन खत्म नहीं हुआ है. इस हमले में अभी तक दो जवान शहीद हो चुके हैं. जबकि तीन आतंकियों के मारे जाने की खबर है. इसके अलावा पांच महिलाओं और दो बच्चों सहित नौ लोग घायल हैं. यह जानकारी रक्षामंत्रालय के प्रवक्ता ले. कर्नल देविंदर आनंद ने दी.

देविंदर आनंद के अनुसार, कल हमले के बाद से चल रहे अभियान में अत्याधुनिक हथियारों से लैस तीन आतंकी मारे गए हैं. ये आतंकी सेना की वर्दी में थे और एके 56 असाल्ट राइफलों, गोला बारूद और हथगोलों से लैस थे. उन्होंने बताया कि तलाशी से पुष्टि हुई है कि वे जैश ए मोहम्मद के आतंकी हैं.

 

देविंदर आनंद ने बताया कि इस हमले में सूबेदार मगनलाल चौधरी और हवलदार हबीबुल्ला कुरैशी शहीद हो गए. इसके अलावा पांच महिलाओं और एक बच्ची सहित नौ लोग घायल हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है. लगभग 150 मकानों की तलाशी पूरी हो गई है और महिलाओं, बच्चों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है.

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आर्मी ने रात में अंधेरे के कारण ऑपरेशन रोक दिया था. लेकिन सुबह होते ही एक बार फिर ऑपरेशन जारी कर दिया है. अभी भी 2 से 3 आतंकियों के छुपे होने की आशंका है. आतंकियों से मुकाबला करने के लिए हेलीकॉप्टर के जरिए वायुसेना के पैरा कमांडो को एयरलिफ्ट कराया गया है. वायुसेना ने इन सभी पैरा कमांडोज को उधमपुर से जम्मू में एयरलिफ्ट किया.

 

गौरतलब है कि शनिवार को चार से पांच आतंकी ने तड़के चार बजकर 50 मिनट पर सेना के सुंजवां स्टेशन में घुसपैठ किया था. निगरानी में लगे संतरियों के साथ मुठभेड़ के बाद आतंकी स्टेशन में बने आवासीय परिसर में जाकर घरों में घुस गए थे. यह शिविर 36 ब्रिगेड के तहत पहली जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंट्री के अंतर्गत आता है.

बता दें कि साल 2006 में भी इसी आर्मी कैम्प पर आतंकी हमला हुआ था. तब के हमले में 12 जवान शहीद हो गए थे और सात जवान घायल हुए थे. इस आर्मी कैंप में 3000 लोग परिवार समेत रहते हैं और इसके चारों तरफ जंगल हैं.

First published: 11 February 2018, 8:56 IST
 
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